‘डील डिप्लोमेसी’ का हो रहा था खेल!ईरान-अमेरिका के बीच में इसलिए मध्यस्थता करना चाहता था पाकिस्तान
ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग में अचानक पाकिस्तान का मध्यस्थ बनकर उभरना शुरुआत में एक सामान्य कूटनीतिक पहल की तरह दिखा. दलील दी गई कि ईरान से लगी करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा, क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा और ऊर्जा सुरक्षा की चिंता ने पाकिस्तान को यह भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है. […]Read More
