नीतीश ने हीं चुना है सम्राट को अपना उत्तराधिकारी,जानिए ललन सिंह ने क्यों दिया इतना बड़ा बयान?

 नीतीश ने हीं चुना है सम्राट को अपना उत्तराधिकारी,जानिए ललन सिंह ने क्यों दिया इतना बड़ा बयान?
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केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है, जो सुर्खियों में छा गया. उन्होंने कहा है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सिर्फ बीजेपी की पसंद नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी भी हैं, जिन्हें नीतीश ने खुद चुना है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में विकसित बिहार का सपना जरूर पूरा होगा.लखीसराय जिले के रामचंद्रपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के काम पर भरोसा जताते हुए उन्हें 20 सालों तक सेवा करने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि अब इसी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी निभाएंगे.अपने संबोधन में ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने खुद सम्राट चौधरी को अपना उत्तराधिकारी चुना है. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने भी संकल्प लिया है कि वह आगे नीतीश कुमार के बनाए रास्ते पर ही चलेंगे और विकसित बिहार बनाएंगे. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी अब नीतीश कुमार के विकास और सुशासन के विजन को आगे बढ़ा रहे हैं और बिहार को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं.ललन सिंह ने अपने संबोधन में बिहार की आर्थिक स्थिति में हुए बदलाव को भी नीतीश कुमार की उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि जब साल 2005 में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे, तब राज्य का खजाना खाली था. उस समय बिहार का बजट करीब 25 हजार करोड़ रुपए था, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण साल के अंत तक यह घटकर 17 से 18 हजार करोड़ रुपये रह जाता था. उन्होंने दावा किया कि आज नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का वार्षिक बजट बढ़कर 3 लाख 33 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. उनके अनुसार यह बदलाव सुशासन और बेहतर प्रशासन का परिणाम है.

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कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह ने लखीसराय जिले के पिपरिया प्रखंड में ब्लॉक-कम-सर्किल ऑफिस और आवासीय भवन निर्माण परियोजना का शिलान्यास भी किया. इस परियोजना की लागत 30 करोड़ 74 लाख 17 हजार रुपए बताई गई है.उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह भवन प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा, साथ ही आम लोगों को सरकारी सेवाएं बेहतर तरीके से मिल सकेंगी.इस मौके पर मोहनपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन भी किया गया. ललन सिंह ने इसे क्षेत्र के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा उपहार बताया. उन्होंने कहा कि यह दोनों परियोजनाएं इलाके में विकास, सुशासन और शिक्षा व्यवस्था को नई गति देंगी.नीतीश कुमार ने 20 नवंबर को रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. बाद में 30 मार्च को उन्होंने राजनीतिक परिवर्तन के तहत बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद सम्राट चौधरी ने बिहार के पहले बीजेपी के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सत्ता संभाली. वहीं गठबंधन में संतुलन बनाए रखने के लिए विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया.

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