बिहार कांग्रेस में नहीं है सब ठीक!सामने आया मतभेद
पंजाब, गोवा के बाद अब बिहार में कांग्रेस की गुटबाजी और आपसी कलह के चलते राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पटना के बजाय पहले देहरादून में करने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक, पहले ये कार्यक्रम पटना में होना तय होना था, लेकिन हाल में प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के साथ जिलाध्यक्षों की बैठक में आपसी कलह इतनी बढ़ी कि राहुल गांधी का पटना कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया गया है. इसके बदले आनन-फानन में 17 जुलाई को उत्तराखंड के देहरादून में छात्रों की गूंज कार्यक्रम की तैयारी है.बिहार के अलावा पंजाब में भी अध्यक्ष राजा वडिंग बनाम चन्नी-रंधावा का झगड़ा सड़कों पर है, जिसे सुलझाने के लिए प्रदेश के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल पांच दिन के पंजाब दौरे पर हैं. वहीं गोवा, में कांग्रेस ने अमित पाटकर को हटाकर गिरीश चोडनकर को अध्यक्ष बनाया तो पाटकर खेमे ने नाराजगी जाहिर कर दी. पाटकर खेमे का कहना है कि इतनी मेहनत के बावजूद बिना बताए उन्हें हटा दिया गया. सूत्रों के मुताबिक, पाटकर खेमा नई पार्टी के गठन के लिए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने का भी मन बना रहा है.सूत्रों का कहना है कि इन सभी राज्यों के नाराज नेता राहुल गांधी से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं.

ऐसे में विदेश दौरे से लौटने पर मानसून सत्र से पहले ये चुनौतियां उनका इंतजार कर रही हैं, लेकिन Gen Z को लुभाने के लिए कोटा के बाद राहुल का छात्रों की गूंज कार्यक्रम सफलता के साथ चलता रहे, इसलिए पटना के बजाय देहरादून शिफ्ट करके विवादों पर सियासी पर्दा डालने की कोशिश की गई है.हाल ही में बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के बिहार दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि ‘राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, कांग्रेस की लुटिया डूब जाती है. वो बंगाल गए, असम गए, महाराष्ट्र गए, हरियाणा गए…डीएमके (DMK) भी उनसे दूर हो गई. हालांकि रविशंकर प्रसाद के इस बयान पर बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने पलटवार किया था. उन्होंने कहा था, ‘उनके संसदीय क्षेत्र में जल्द चुनाव होने हैं. ऐसे में विकास कार्यों को लेकर सवालों का सामना करने के बजाय वो जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं, क्योंकि उनकी राजनीतिक साख भी दांव पर लगी हुई है’.
