नौकरी बदलने पर PF अपने आप होगा ट्रांसफर,अब किसी भी बैंक खाते में आएगी पेंशन
केंद्रीकृत आईटी सक्षम सेवाएं (CITES) प्रोजेक्ट के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सभी सदस्यों का डेटा एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है. इस बड़े तकनीकी बदलाव का मकसद EPFO की सेवाओं को पहले से ज्यादा तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है.केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस नई व्यवस्था के तहत कई बड़े बदलावों का ऐलान किया है. इनमें तेज क्लेम सेटलमेंट, नौकरी बदलने पर PF अकाउंट का ऑटोमैटिक ट्रांसफर, एडवांस क्लेम की ऑटो-सेटलमेंट सीमा बढ़ाना, देश के किसी भी PF कार्यालय से सेवाएं लेना और PF निकासी की प्रक्रिया को आसान बनाना शामिल है.आइए जानते हैं EPF और EPS सदस्यों के लिए किए गए 10 बड़े बदलाव.मनसुख मांडविया के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 का EPF ब्याज 15 जुलाई 2026 तक सदस्यों के खातों में जमा कर दिया जाएगा. करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज सत्यापन के बाद लगभग 34 करोड़ EPF खातों में ट्रांसफर किया जाएगा.अब EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करते ही एक यूनिफाइड डिजिटल इंटरफेस मिलेगा. यहां सदस्य अपनी सदस्यता, PF बैलेंस, क्लेम स्टेटस, पेंशन रिकॉर्ड और अब तक मिले सभी लाभ एक ही जगह देख सकेंगे.अब क्लेम EPFO कार्यालय पहुंचने से पहले ही सिस्टम उसकी ऑटोमैटिक प्री-वैलिडेशन करेगा. अगर किसी दस्तावेज या जानकारी में कमी होगी, तो सदस्य को पहले ही बता दिया जाएगा. इससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना काफी कम होगी.सदस्य यह भी जान सकेंगे कि अलग-अलग जरूरतों के लिए वे अधिकतम कितना PF निकाल सकते हैं.

4. 5 लाख रुपये तक का एडवांस क्लेम होगा ऑटो-सेटलKYC पूरी होने पर 5 लाख रुपये तक के एडवांस PF क्लेम अब ऑटो-सेटलमेंट के जरिए निपटाए जाएंगे. पहले यह सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये थी.अगर क्लेम के दौरान किसी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत होगी, तो EPFO ऑनलाइन सवाल भेज सकेगा और सदस्य भी ऑनलाइन जवाब दे सकेंगे. इससे कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और क्लेम जल्दी निपटेंगे. साथ ही, क्लेम की राशि सेटलमेंट वाले दिन ही सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी.अब अंतिम PF भुगतान पर ब्याज भुगतान की मंजूरी मिलने की तारीख तक मिलेगा. पहले ब्याज पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही जोड़ा जाता था.इसके अलावा, पहले के 13 अलग-अलग निकासी नियमों को घटाकर सिर्फ तीन श्रेणियों में कर दिया गया है—जरूरी जरूरतें, मकान से जुड़ी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां.अब सदस्य अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे.अब नौकरी बदलने पर अलग से PF ट्रांसफर फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी. आधार से जुड़े UAN के जरिए PF खाता अपने आप नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाएगा.अब EPFO सदस्य अपने क्षेत्रीय कार्यालय तक सीमित नहीं रहेंगे. वे देश के किसी भी PF कार्यालय से सहायता और जानकारी ले सकेंगे.नई केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली के तहत अब पेंशन देश के किसी भी बैंक खाते में जमा कराई जा सकेगी. पहले पेंशन केवल उसी बैंक शाखा में मिलती थी, जो PPO से जुड़ी होती थी.
