सम्राट चौधरी से नहीं चल पा रहा है बिहार?नीतीश कुमार भी कर रहे है बड़ी मंथन!

 सम्राट चौधरी से नहीं चल पा रहा है बिहार?नीतीश कुमार भी कर रहे है बड़ी मंथन!
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बिहार की राजनीति इन दिनों कई ऐसे संकेत दे रही है, जिसने सत्ता गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम विजय चौधरी के आवास पहुंचते हैं और कैबिनेट की ‘एक-एक जानकारी’ देने की बात कहते हैं. दूसरी ओर कृषि मंत्री विजय सिन्हा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात होती है, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बिहार NDA में सबकुछ सामान्य है या फिर सत्ता के भीतर कोई नई खींचतान आकार ले रही है।दरअसल, कैबिनेट विस्तार के बाद सभी विभागों में धड़ाधड़ फैसले लिए जाने लगे. सम्राट चौधरी भी कैबिनेट विस्तार से पहले तक फैसलों में कुछ हद तक नीतीश कुमार के साथ कनेक्ट रहते थे, लेकिन जब से कैबिनेट विस्तार हुआ है तब से न तो सम्राट चौधरी और न ही उनकी कैबिनेट का कोई मंत्री नीतीश से मार्गदर्शन ले रहा है. इसके चलते नीतीश की छटपटाहट बढ़ना लाजमी है, क्योंकि नीतीश कुमार ने बिहार को इस स्तर तक पहुंचाने के लिए काफी संघर्ष किया.विशेषज्ञों का मानना है नीतीश की पार्टी को सरकार के कामकाज की ठीक से जानकारी नहीं मिल पा रही है, इसलिए उन्होंने अपनी पार्टी के कोटे से डिप्टी सीएम बने विजय चौधरी के आवास पर अचानक पहुंचकर अपनी व्यथा को उनसे कहा होगा. जाते समय भी दोनों नेता नीतीश कुमार और विजय चौधरी इस मुद्दे को रेखांकित करते सुने जा सकते हैं. नीतीश कहते हैं कि ”शाम को घर आकर एक-एक चीज बताइएगा कि कैबिनेट में क्या चल रहा है?”हालांकि इसके बाद विजय चौधरी के आवास से नीतीश कुमार निकल गए. कुछ देर बाद ही नीतीश कुमार जदयू कार्यालय पहुंच गए. जदयू कार्यालय में नीतीश कुमार करीब 15 मिनट तक रहे. जदयू के कई नेताओं से मुलाकात की और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि सब कुछ ठीक-ठाक है. उसके बाद फिर जदयू कार्यालय से भी निकल गए. वैसे नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास छोड़ चुके हैं और सात सर्कुलर रोड स्थित आवास में अपना नया ठिकाना बनाया है. नीतीश कुमार लगातार एक्टिव हैं जिलों का भी दौरा कर रहे हैं और वहां विकास कार्य की जानकारी ले रहे हैं.ऐसे में सरकार के कामकाज को लेकर जिस प्रकार से नीतीश कुमार ने आज विजय चौधरी से रिपोर्ट देने के लिए कहा उस पर सवाल जरूर उठने लगे हैं.

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हालांकि भाजपा प्रवक्ता डॉ रामसागर सिंह का कहना है कि बिहार में तो नीतीश कुमार की ही सरकार है उन्होंने ही सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया है. सम्राट चौधरी भी कहते रहे हैं कि नीतीश कुमार के दिशा निर्देश में ही काम कर रहे हैं तो इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.नीतीश का अपने मंत्री से कैबिनेट की जानकारी देने को कहना कितना जायज है? क्या कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी पार्टी के डिप्टी सीएम से इस तरह का आग्रह कर सकता है कि वह कैबिनेट के भीतर क्या चल रहा उसको अपडेट देता रहे. इसका जवाब विशेषज्ञ देते हैं कि- ‘हां ऐसा हो सकता है, क्योंकि पार्टी और सरकार के बीच मंत्री ही होता है जो दोनों को सेतु के तौर पर खड़ा किया जाता है. यह गलत नहीं बल्कि पार्टी का अधिकार भी है क्योंकि पार्टी चुनाव के वक्त जनता से सीधे कनेक्ट होती है और पार्टी को मिले जनाधार के आधार पर ही सरकार का गठन होता है. सरकार के अच्छे-गलत कार्यों का असर सीधे पार्टी पर पड़ता है.फिर आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि नीतीश को अपने मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर मिलना पड़ा. क्या विधान परिषद चुनाव और उपचुनाव को लेकर एनडीए में कोई मंथन या संघर्ष चल रहा है? या फिर कोई बड़े बदलाव की ओर संकेत दिखाई दे रहे हैं. ये खटपट एनडीए में पार्टी के स्तर पर है या फिर सरकारी स्तर पर नजर आ रही है? इन मुद्दों पर अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है. जानकार मानते हैं कि इसके पीछे जरूर कोई मंशा या प्रेशर पॉलिटिक्स हो सकती है।इधर बिहार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकत की और उसको लेकर उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर पोस्ट शेयर कर जानकारी दी और इस मुलाकात को प्रेरणादायी और मार्गदर्शन प्राप्त करने वाला बताया. उन्होंने ये भी कहा कि बिहार का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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