ईरान ने उठाया बड़ा कदम,होर्मुज स्ट्रेट को फिर से कर दिया सील

 ईरान ने उठाया बड़ा कदम,होर्मुज स्ट्रेट को फिर से कर दिया सील
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अमेरिका के हमलों के बाद ईरान ने फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। हालांकि अमेरिका ने उसके इस दावे को खारिज कर दिया है। होर्मुज के बंद होने के बाद भारत की टेंशन फिर बढ़ सकती है?अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, ईरान ने भी इसका करारा जवाब दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द सीजफायर की शर्तें मान ले नहीं तो हमले और तेज हो जाएंगे। इसके जवाब में ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है। साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अब तेल टैंकरों और कारोबारी जहाजों समेत कोई भी जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को क्रॉस करने की कोशिश करेगा तो उस पर हमला कर देंगे। ईरान के इस ऐलान ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त समुद्री जलमार्ग है जो फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल चोकपॉइंट्स (oil chokepoint) में से एक है। दुनिया भर के कुल उपभोग का लगभग 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से टैंकरों के माध्यम से भेजा जाता है। सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत, कतर और UAE जैसे प्रमुख खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यह कुछ समय के लिए भी बंद हो जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है क्योंकि भारत का लगभग 30% से 50% कच्चा तेल और लगभग 70% तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। इसके बंद होने से भारत की चिंता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला यह मार्ग भारत की ऊर्जा जरूरतों (तेल और गैस) का मुख्य प्रवेश द्वार है। हालांकि, भारत को “मित्र देशों” की सूची में शामिल होने के कारण भारतीय जहाजों को वहां से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिली है।ईरान के होर्मुज को सील करने के इस ऐलान ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इतना ही नहीं, ईरानी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) नौसेना के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे, नियमों का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों को निशाना बनाया गया है। इससे होर्मुज में फंसे जहाजों के लिए मुश्किल बढ़ गई है।ईरानी मीडिया ने इस बीच देश के दक्षिणी हिस्सों में कई धमाकों की जानकारी दी है.

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सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, केशम और हेंगाम द्वीपों पर प्रोजेक्टाइल गिरने से विस्फोट हुए. वहीं बंदर अब्बास में एयरपोर्ट और एयरबेस के पास भी कई धमाके सुनाई दिए. मेहर न्यूज एजेंसी ने कंगान बंदरगाह में विस्फोटों की जानकारी दी, जबकि प्रेस टीवी ने बताया कि सीरिक इलाके को “दुश्मन के प्रोजेक्टाइल” ने निशाना बनाया है.रिपोर्टों के मुताबिक, समुद्र में भी अमेरिकी और ईरानी बलों के बीच झड़पें हुई हैं. CENTCOM ने कहा कि उसने अमेरिकी समयानुसार शाम 5:15 बजे से ईरान के कई ठिकानों पर “सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक” शुरू की है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिका “अहम सैन्य सुविधाओं” को निशाना बना रहा है।उधर, ईरान ने भी सख्त चेतावनी जारी की है. तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका ने आगे कोई आक्रामक कार्रवाई की तो उसे “गंभीर जवाब” दिया जाएगा. एजेंसी ने सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा कि ईरान अमेरिकी हितों और ठिकानों को नए सिरे से निशाना बना सकता है.तनाव के बीच बहरीन में भी हालात बिगड़ते दिखे. बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि देशभर में एयर रेड सायरन बजे हैं. इससे पहले ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को निशाना बनाया है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

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