जान लीजिए भाजपा की नई संगठनात्मक रणनीति,धरातल स्तर पर काम करने उतरेंगे एक-एक कार्यकर्त्ता!
भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय विस्तार में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. करीब छह घंटे तक चली इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष और संगठन महामंत्री सहित कुल 65 वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया. बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार और समय की आवश्यकता के अनुसार संगठनात्मक बदलावों पर मंथन करना था.इस दौरान मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा हुई. अस बैठक में सभी राष्ट्रीय महासचिव, तीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक राष्ट्रीय सचिव, चार राज्यों के प्रभारी, 15 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री शामिल रहे. बैठक में देश के 22 राज्यों में एनडीए सरकारों के विस्तार और भाजपा के बढ़ते संगठनात्मक प्रभाव की समीक्षा की गई.साथ ही संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने तथा कार्यकर्ताओं की भूमिका को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया. कार्यकर्ताओं से प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर संगठन की कार्यशैली को और सशक्त बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया.बीजेपी हाईकमान ने युवाओं को बड़ी संख्या में संगठन से जोड़ने और उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारियां देने की योजनाओं पर चर्चा की गई. महिला सशक्तिकरण को संगठन की प्राथमिकता बताते हुए महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने के विषय पर भी मंथन हुआ.

इसके अलावा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के बीच संगठन के विस्तार और उनकी भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया.बैठक में डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और अन्य पेशेवर वर्गों को पार्टी से जोड़ने और उनकी विशेषज्ञता का लाभ संगठनात्मक कार्यों में लेने की रणनीति पर चर्चा की गई. आने वाले वर्षों में संगठन के व्यापक विस्तार, नई कार्यशैली और जनसंपर्क अभियानों की रूपरेखा पर भी विचार किया गया.राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और समाज के विभिन्न वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने का मार्गदर्शन दिया. उन्होंने संगठन को और मजबूत बनाने, नए वर्गों को पार्टी से जोड़ने और आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने पर जोर दिया.बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को केवल सोशल मीडिया आधारित राजनीति तक सीमित न रहने की सलाह दी गई. संगठन की पारंपरिक ताकत घर-घर संपर्क और प्रत्यक्ष जनसंवाद को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया. कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ जनता के बीच जाकर नियमित संवाद स्थापित करें और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाएं.पार्टी नेतृत्व ने केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाने, जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने, स्थानीय मुद्दों की जानकारी जुटाने तथा फीडबैक प्रणाली को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया. बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि संगठन विस्तार के लिए सोशल मीडिया के साथ-साथ व्यक्तिगत संपर्क और जनसंपर्क अभियानों को समान महत्व दिया जाएगा.बीजेपी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आगामी दौर में जमीनी स्तर पर संगठन की उपस्थिति मजबूत करना, समाज के सभी वर्गों तक पहुंच बढ़ाना और बूथ स्तर पर संगठन को सशक्त बनाना पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा.
