कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार ने ली शपथ,मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण का रखा गया खास ख्याल
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डीके शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में लोक भवन में शपथ ली. इसके बाद जी. परमेश्वर ने शपथ ली, जो कि राज्य के डिप्टी सीएम बने हैं. इससे पहले शिवकुमार मंच पर एक-एक नेता से मिले. उन्होंने राहुल गांधी, खरगे और अन्य नेताओं का शॉल और फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया. इस शपथ ग्रहण समारोह की खास बात ये रही कि पहले लोकभवन में होने वाले कार्यक्रमों का मंच पश्चिम दिशा की ओर होता था. इस बार ज्योतिषी की सलाह पर मंच पूर्व दिशा की ओर तैयार किया गया. पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने संभाली.डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत होते ही प्रशंसक और कांग्रेस कार्यकर्ता लोक भवन की ओर उमड़ने लगे. इसके चलते विधानसभा के आसपास पूरी तरह से यातायात जाम हो गया.

शिवकुमार ने सीएम पद की शपथ लेने से पहले अपनी मां से आशीर्वाद लिया. बेंगलुरु के सदाशिवनगर स्थित अपने आवास पर मां गौराम्मा के चरण स्पर्श किए और आशीर्वाद लिया.उधर, उनके मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने से पहले उनके आवास पर धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए. शपथ ग्रहण समारोह से पहले शिवकुमार के घर पर विशेष पूजा की गई. पांच से ज्यादा पुजारी पूजा सामग्री के साथ उनके आवास पर पहुंचे और विशेष प्रार्थना और पूजा की.मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण का खास ख्याल रखा गया है. वोक्कालिगा, लिंगायत और दलित कोटा के तहत तीन-तीन मंत्रियों को मंत्री पद दिए गए हैं. जबकि कुरुबा समुदाय से दो मंत्रियों को पद मिले हैं. इसके अलावा अनुसूचित जनजाति, मुस्लिम और ईसाई कोटा के तहत एक-एक मंत्री पद देकर सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है.
