छात्रों के भविष्य से सरकार क्यों कर रही है खिलवाड़?SSC GD परीक्षा में फिर से खुली सिस्टम की पोल

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देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करने वाली व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. इस बार मामला Staff Selection Commission (SSC) की General Duty (GD) परीक्षा का है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कथित बदइंतजामी, सर्वर फेल होने और क्षमता से अधिक छात्रों को बुलाए जाने के कारण परीक्षाएं टालनी पड़ीं, जिसके बाद आक्रोशित अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतकर जमकर बवाल काटा.लखनऊ में अभ्यर्थी 46 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि सर्वर काम नहीं कर रहा है. कई घंटे इंतजार के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई. इस फैसले से नाराज छात्रों ने केंद्र पर हंगामा किया. कानपुर में हालात और भी गंभीर हो गए, जब अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा का पेपर निर्धारित समय से पहले ही बांट दिया गया. पेपर लीक की आशंका से छात्र भड़क उठे और सड़क जाम कर दिया. एडीसीपी शिवा सिंह ने बताया कि बातचीत के बाद किसी तरह छात्रों को शांत किया गया.प्रयागराज के अंदावा स्थित एक परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था 505 छात्रों की थी, लेकिन प्रशासन ने दूसरी पाली में 1035 अभ्यर्थियों को बुला लिया. तीसरी पाली में भी यही हाल रहा, क्षमता से दोगुने छात्रों के कारण पूरी व्यवस्था चरमरा गई. गुस्साए अभ्यर्थियों ने सड़क जाम कर दी और कंप्यूटर, कुर्सियां, कूलर आदि में तोड़फोड़ कर दी.गोरखपुर के एक डिग्री कॉलेज में 250 छात्रों की क्षमता वाले केंद्र पर 500 अभ्यर्थी पहुंच गए. प्रशासन ने आधे छात्रों को वापस जाने को कहा. इस पर एक अभ्यर्थी ने कहा, “कुछ बच्चे अंदर गए, बाकी को बाहर निकाल दिया.” परीक्षा कंट्रोलर विजय कुमार ने इसे तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि सीट से अधिक आवंटन हो गया था और छूटे छात्रों को दोबारा मौका दिया जाएगा.हंगामा कर रहे परीक्षार्थियों का एक ही सवाल था कि हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों? एक अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा केंद्र के बाहर घंटों खड़े रहने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा है.

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SSC GD परीक्षा के माध्यम से अर्धसैनिक बलों (CRPF, BSF, ITBP, CISF, SSB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में कांस्टेबल के पदों पर भर्ती होती है. इस बार करीब 49 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि कुल रिक्तियां मात्र 25487 हैं. यानी एक पद के लिए 192 दावेदार. इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच यदि व्यवस्था ही धराशायी हो जाए, तो यह अभ्यर्थियों के साथ अव्यवस्था वाला धोखा है.देश की परीक्षा व्यवस्था पर बार-बार सवाल उठे हैं. पहले NEET की परीक्षा में गड़बड़ी, फिर CBSE एग्जाम में छात्रों को गलत नंबर बांटे जाने के मामले सामने आए. जब गलती पकड़ी गई तो जवाब था, “सॉरी, मिस्टेक हो गई.” अब वही हाल SSC GD का है, AI और स्पेस टेक्नोलॉजी के इस युग में जहां रॉकेट चांद पर उतर रहे हैं. वहीं परीक्षा केंद्र पर छात्रों की संख्या गिनना भी सिस्टम के बस की बात नहीं रही.आखिर कब तक इस अव्यवस्था वाला धोखा का सिलसिला जारी रहेगा? जब एक छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है, तो सिर्फ वह तैयारी नहीं करता. उसका पूरा परिवार सपने देखता है, माता-पिता जीतोड़ मेहनत से कोचिंग की फीस भरते हैं, लेकिन सिस्टम की लापरवाही उनके सपनों को तोड़ देती है. SSC GD की परीक्षा 30 मई तक जारी रहेगी, लेकिन अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि प्रशासन आगे ऐसी बदइंतज़ामी से कैसे निपटता है.

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