आखिर लोग क्यों सोने के गहनों की जगह ले रहे हैं हीरे?

 आखिर लोग क्यों सोने के गहनों की जगह ले रहे हैं हीरे?
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त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है. नवरात्रि से ही बाजारों में रौनक दिखने लगी है. लेकिन इस बार जूलरी मार्केट का ट्रेंड पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह सोने की आसमान छूती कीमतें हैं. पिछले कुछ सालों (2024-2025 ) में सोने के दाम 54 फीसदी तक बढ़ चुके हैं. सोने की इस महंगाई ने ग्राहकों को एक नया विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है. अब बहुत से लोग भारी-भरकम सोने के गहनों की जगह डायमंड जूलरी को तरजीह दे रहे हैं. बाजार के जानकारों का मानना है कि इस फेस्टिव सीजन में भी डायमंड जूलरी की बिक्री में 15 से 20 फीसदी तक का भारी उछाल आ सकता है।सोने के मुकाबले डायमंड जूलरी की तरफ लोगों का झुकाव यूं ही नहीं बढ़ा है. इसके पीछे सीधा सा गणित कीमतों का है. एक तरफ जहां सोने के रेट में 54 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी तरफ छोटे हीरों की कीमतों में 2025 के फेस्टिव सीजन के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत की गिरावट आई है. महंगे सोने के दौर में सस्ते छोटे हीरे ग्राहकों के लिए एक बेहद आकर्षक डील साबित हो रहे हैं.

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यही वजह है कि डायमंड जूलरी की मांग तेजी से ऊपर जा रही है।सोना महंगा होने के कारण अब लोग 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक के बजट में बेहतरीन जूलरी तलाश रहे हैं. जूलर्स भी ग्राहकों की इस जरूरत को समझते हुए खास डिजाइन तैयार कर रहे हैं. डायमंड जूलरी को आम लोगों की पहुंच में लाने के लिए अब 18 कैरेट, 14 कैरेट यहां तक कि 9 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जा रहा है. जोयअलुक्कास के चेयरमैन जॉय अलुक्कास बताते हैं कि कम कैरेट के सोने में हीरों को जड़ने से गहने ग्राहकों के बजट में आ जाते हैं. वे इस सीजन में डायमंड जूलरी की सेल में 20 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं. इसके साथ ही रिटेल जूलरी मार्केट में तगड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिल रहा है. कई क्षेत्रीय कंपनियां बाजार में उतर रही हैं. कुछ कंपनियां शेयर बाजार में अपने आईपीओ भी ला रही हैं।बाजार में अब सिर्फ शादियों के लिए नहीं बल्कि रोज पहनने वाली जूलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है. ग्राहक अब ऐसे डिजाइन चाहते हैं जिन्हें वे हर दिन पहन सकें. सेंको गोल्ड के एमडी सुवण्कर सेन के मुताबिक 30 हजार से 1 लाख रुपये की रेंज वाले ईयररिंग्स, रिंग्स, पेंडेंट काफी तेजी से बिक रहे हैं. उनका ब्रांड भी डेली वियर सेगमेंट में 20 फीसदी की ग्रोथ देख रहा है. मुंबई के अनमोल ज्वैलर्स के फाउंडर ईशू दातवानी का कहना है कि आज के समय में 25 हजार रुपये में भी अच्छी डायमंड जूलरी मिल जाती है. डायमंड जूलरी में कीमत के हिसाब से जो लुक मिलता है, वो ग्राहकों को काफी पसंद आ रहा है.काम ज्वेलरी के एमडी कोलिन शाह का मानना है कि 10 हजार से 1 लाख रुपये के बजट में सोने की कोई खास जूलरी नहीं आती. इसीलिए छोटे हीरों से जड़े गहने इस रेंज में सुपरहिट हो गए हैं. लोग अब सोने का वजन कम कर रहे हैं. पहले जो ग्राहक 100 ग्राम का नेकलेस बनवाते थे, वे अब समझदारी दिखाते हुए 60 ग्राम के हल्के गहनों पर शिफ्ट हो गए हैं. कुमारी फाइन ज्वैलरी की फाउंडर सुप्रिया कटारिया भी मानती हैं कि ग्राहक अब ऐसे गहने चाहते हैं जिन्हें वो अलग-अलग मौकों पर पहन सकें. सिर्फ एक खास दिन पहनने वाले गहनों का चलन अब कम हो रहा है. वो भी इस सीजन 15 से 20 फीसदी ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं. कुल मिलाकर इस त्योहारी सीजन में सोने की महंगाई ने डायमंड मार्केट के लिए एक शानदार मौका तैयार कर दिया है।

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