युद्ध खत्म होने का दावा करने वाले ट्रंप को मिला करारा जवाब,कोई डील नहीं हुई

 युद्ध खत्म होने का दावा करने वाले ट्रंप को मिला करारा जवाब,कोई डील नहीं हुई
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म कर दिया है और ईरान ने भविष्य में कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने की बात मान ली है. हालांकि ईरान ने अभी तक ऐसे किसी समझौते या वादे की पुष्टि नहीं की है. जॉर्जिया के लेफ्टिनेंट गवर्नर बर्ट जोन्स के समर्थन में एक ऑनलाइन रैली के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘पता नहीं आपने सुना या नहीं, लेकिन हमने आज ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है. उन्होंने परमाणु हथियार न रखने पर सहमति दी है. यही हमारा मुख्य लक्ष्य था और हमारा 95% फोकस इसी बात पर था.’इससे कुछ घंटे पहले भी ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बहुत करीब हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान पर किए जाने वाले नए हवाई और मिसाइल हमले रद्द कर दिए हैं, जिनकी चेतावनी पहले दी गई थी. दूसरी तरफ ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा कि पिछले दो महीनों में ट्रंप 38 बार किसी समझौते के बहुत करीब होने का दावा कर चुके हैं. एजेंसी ने चेतावनी दी कि जब तक ईरान खुद किसी समझौते की घोषणा नहीं करता, तब तक ट्रंप के बयानों को अंतिम सच नहीं माना जाना चाहिए.ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व तक बातचीत पहुंच चुकी है और उसे मंजूरी भी मिल गई है. इसी वजह से उन्होंने अमेरिका की ओर से तय सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया. ट्रंप का कहना है कि दोनों देशों के बीच एक मजबूत समझौते का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है, जिससे लड़ाई रुक सकती है.उन्होंने यह भी दावा किया कि इस समझौते को क्षेत्र के दूसरे देशों और पक्षों का भी समर्थन मिला है. इनमें इजराइल, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किये और पाकिस्तान शामिल हैं. हालांकि इजराइल पहले कई बार ईरान के साथ किसी समझौते को लेकर संदेह जाहिर कर चुका है.ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी अभी जारी रहेगी. यह तब तक लागू रहेगी, जब तक समझौता पूरी तरह अंतिम रूप नहीं ले लेता. उन्होंने बताया कि समझौते पर इसी वीकेंड यूरोप में साइन हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि वह खुद शायद इसमें शामिल न हो पाएं, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वहां मौजूद रहेंगे.

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उन्होंने यह भी कहा कि समझौता होते ही होर्मुज स्ट्रेट को आधिकारिक रूप से फिर खोल दिया जाएगा.दोनों देशों के बीच वार्ता की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक ने भी कहा कि समझौते के ज्यादातर पॉइंट्स पर कई हफ्ते पहले सहमति बन गई थी, लेकिन अभी भी इसके टूटने की लगभग 50% संभावना है. उनके मुताबिक कई ऐसे कारण हैं जो आखिरी समय में समझौते को विफल कर सकते हैं. इसलिए फिलहाल ट्रंप के बड़े दावों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है.इससे महज कुछ घंटे पहले ट्रंप ने ईरान पर ‘बहुत कड़ी और शक्तिशाली’ कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उन्होंने ईरान के प्रमुख तेल बुनियादी ढांचे पर कब्जे की बात कही थी, जिसे पूर्ण युद्ध की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा था। ट्रंप ने लगातार तीसरी रात ‘बड़े और अधिक शक्तिशाली’ हमलों की धमकी देते हुए कहा था कि तेहरान को अपने नाममात्र के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलना होगा। उन्होंने खासतौर पर खार्ग द्वीप का जिक्र करते हुए कहा था कि हम खार्ग द्वीप और ईरान की अन्य महत्वपूर्ण तेल अवसंरचना सुविधाओं पर कब्जा कर लेंगे। वेनेजुएला की तरह हम उनके तेल और गैस बाजारों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर देंगे।दरअसल, हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए, जिन्हें वाशिंगटन ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अपने अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी बलों द्वारा गिराए जाने का जवाब बताया। ईरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे ‘झूठा बहाना’ करार दिया। जवाब में तेहरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए।इसके अलावा ईरान ने होर्मुज की निगरानी करने वाले नए सैन्य निकाय के जरिए इस अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा कर दी थी। अमेरिका ने ईरान की इस घोषणा को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय आवागमन के लिए खुला रहेगा और किसी भी बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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