अभिषेक बनर्जी की वजह से टूट रही है TMC पार्टी,सांसदों ने खोली ममता और भतीजे की पोल
तृणमूल कांग्रेस से हर दिन-हर दिन एक-एक पत्ती टूटती जा रही है, गिरती जा रही है, दूर होती जा रही है. अगर टीएमसी के चुनाव चिह्न से मौजूदा पार्टी को परिभाषित करें तो डेढ़ महीने पहले वो हरी भरी थी, उनके पास सत्ता की ताकत थी, 200 से ज्यादा विधायक थे, 40 से ज्यादा सांसद थे, आज उसकी करीब-करीब सारी पत्तियां टूटने की स्थिति में पहुंच चुकी है. विधायक और सांसद साथ छोड़ चुके हैं और पार्टी कहां-कहां से टूट रह रही है, कितनी दरक चुकी है, ये भी पता नहीं चल पा रहा है.भारतीय राजनीति के इतिहास में चुनाव हारने के बाद शायद ही इतनी जल्दी किसी पार्टी का ये हाल हुआ होगा, जो आज टीएमसी का है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री हेरोल्ड विल्सन ने कहा था कि राजनीति में एक हफ्ता बहुत होता है, भारत में टीएमसी इसका सबसे सटीक उदाहरण है. पार्टी इतनी जल्दी टूट रही है कि आने वाले दिनों में इस पर रिसर्च भी हो सकता है.मौजूदा स्थिति ये है कि ऐसा कोई दिन नहीं है, जब पार्टी का कोई बड़ा नेता इस्तीफा न दे. अगर आज की बात करें, तो ममता बनर्जी के लिए दो तरह की खबर आई, जिसमें थोड़ी राहत और ज्यादा आफत की मात्रा है.पहले आफत की बात करते हैं, जो उनके बेहद भरोसेमंद कल्याण बनर्जी की तरफ से आई है. ममता बनर्जी के करीबी सांसद कल्याण बनर्जी ने विद्रोह कर दिया, उन्होंने कुछ धमकियां दी हैं और भतीजे अभिषेक पर सवाल उठाए हैं और कहा कि ममता उनमें और अभिषेक में से एक को चुन ले.दूसरी परेशान करने वाली खबर, एक राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने दी, उन्होंने आज अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया और पार्टी भी छोड़ी दी. उनका इस्तीफा मंजूर हो गया है. इन दो आफत वाली खबरों के बीच शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी को राहत वाली खबर दी और कहा कि वो ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे.कल्याण बनर्जी को कुछ दिन पहले ही ममता बनर्जी ने लोकसभा में पार्टी की चीफ व्हीप यानी मुख्य सचेतक बनाया था, जिन्होंने दो दिन पहले कीर्ति झा आजाद के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागियों को गद्दार कहा था, आज उन्होंने खुद के बागी होने वाला ट्रेलर दिखाया.कल्याण बनर्जी ने मीडिया से बात की और कहा कि ममता बनर्जी को अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुनना होगा. कल्याण बनर्जी काफी गुस्से में थे, उन्होंने ये भी कहा कि ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी को हटाएं. नहीं तो हम पार्टी में नहीं रह सकते. इसके साथ ही उन्होंने फर्जी सिग्नेचर के मामले में अभिषेक बनर्जी की पैरवी करने से भी इनकार कर दिया। कहा कि वो अभिषेक बनर्जी के कर्मचारी नहीं हैं.टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के कारण पार्टी में बहुत कुछ हो गया. पार्टी ने नहीं अभिषेक बनर्जी ने अनादर किया. दीदी, अभिषेक को साथ लेकर चलेंगी, तो हम साथ नहीं देंगे.टीएमसी के पूर्व नेता रिजू दत्ता ने कहा कि एक व्यक्ति के लिए दीदी ने सभी को दरकिनार किया.

अभिषेक बनर्जी ने सारे नेताओं का अपमान किया. वहीं, कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षान्या बंद्योपाध्याय ने कहा कि हम लोगों ने मैटर से दूरी बनाने का फैसला किया है. कल्याण बनर्जी का गुस्सा राजनीतिक होने के साथ-साथ निजी भी है.दरअसल कल्याण बनर्जी आज कलकत्ता हाईकोर्ट में फर्जी सिग्नेचर में मामले में अभिषेक बनर्जी का पक्ष रखने वाले थे. अचानक कल अभिषेक बनर्जी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. सूत्रों के मुताबिक इस बात से कल्याण बनर्जी नाराज हो गए.उन्होंने आज मीडिया से बात कि आरोप लगाया दिया अभिषेक बनर्जी सीनियर नेताओं से दुर्व्यवहार करते हैं और उन्हीं की वजह से पार्टी की हार हुई है. कल्याण बनर्जी के बेटे शीर्षान्या बंद्योपाध्याय ने भी आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी किसी पर भरोसा नहीं कर सकते. वो हम पर भी भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि जिस मामले में कल्याण बनर्जी और उनके बेटे को अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट में अपना पक्ष रखने से मना कर दिया, उसमें आज अभिषेक बनर्जी को बहुत राहत नहीं मिलीकलकत्ता हाईकोर्ट ने फर्जी सिग्नेचर मामले में उन्हें शाम 6 बजे तक CID के सामने पेश होने का आदेश दिया था और वह दिल्ली से लौटने के बाद कोलकाता में सीआईडी कार्यालय भवानी भवन पहुंचे.इससे पहले आज सुबह-सुबह टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी. उनका इस्तीफा मंजूर हो गया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोगों का फैसला बीजेपी के पक्ष में था. मेरे अपने चुनाव क्षेत्र में हम एक भी सीट नहीं जीत पाए. इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया.प्रकाश चिक के इस्तीफे से मौजूदा स्थिति ये है कि टीएमसी के राज्यासभा में 10 सांसद हो गए हैं पहले 13 सांसद थे. सबसे पहले सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून 2026 को इस्तीफा दिया. फिर सुष्मिता देव ने 10 जून को इस्तीफा दिया और आज प्रकाश चिक ने भी राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी. यानी 13 राज्यसभा सांसदों में से 3 सासंद जा चुके हैं.इस्तीफे के बाद प्रकाश चिक बड़ाईक ने कहा कि बंगाल की जनता के जनादेश को देखते हुए इस्तीफा दिया. जनता TMC से बहुत नाराज है. सीएम शुभेंदु जो आदेश देंगे, उसी हिसाब से काम करूंगा.इन दो आफत वाली खबरों के बीच ममता बनर्जी के लिए राहत की खबर शत्रुघ्न सिन्हा की तरफ से आई, लेकिन उससे पहले सस्पेंस भी खूब हुआ. ममला ये हुआ कि शत्रुघ्न सिन्हा के बागी गुट के साथ जाने की खबरों के बीच आज उन्होंने पीएम मोदी के लिए एक सोशल मीडिया पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी.इससे ये अटकलें लगने लगीं कि वो भी जाने वाले हैं, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद शत्रुघ्न सिन्हा की तरफ से बयान आया कि मेरे मुश्किल समय में ममता बनर्जी मेरे साथ खड़ी थीं. ऐसे समय में मेरा नैतिक और राजनीतिक दायित्व है कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं. शत्रुघ्न सिन्हा के अलावा बाबुल सुप्रियो और प्रतिमा मंडल ने भी दावा किया कि वो ममता बनर्जी के साथ हैं वो कहीं नहीं जा रहे हैं.टीएमसी टूट रही है, उसके सहयोगी दल देख रहे हैं, वो कुछ मदद करने की स्थिति में नहीं है. हालांकि वो दुख प्रकट कर रहे हैं. खासकर वो दल ज्यादा दुख प्रकट कर रहे हैं जो पहले ऐसी ही टूट का शिकार हो चुके हैं. मसलन शिवसेना और आम आदमी पार्टी. इन दोनों दलों के नेता इस टूट फूट से काफी गुस्से में हैं.इस बीच ममता बनर्जी के लिए एक और बुरी खबर आई. कलकत्ता हाईकोई ने ऋतब्रत बनर्जी की LoP यानी नेता विपक्ष के पद पर हुई नियुक्ति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.तृणमूल कांग्रेस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर, ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की थी जिस पर कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन हाई कोर्ट ने याचिका पर तत्काल राहत देने और LoP नियुक्ति पर फिलहाल कोई स्टे लगाने से साफ इनकार कर दिया. इसका मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में बने रहेंगे.
