कई राज्यों में बिजली गिरने का खतरा,धूल भरी आंधी और बारिश का होगा डबल अटैक
देश में मौसम अब सिर्फ बदलने वाला नहीं है, बल्कि कई राज्यों में यह डराने वाला रूप भी दिखा सकता है. मौसम विभाग यानी IMD ने अगले 50 घंटों के लिए जो तस्वीर पेश की है, उसने करोड़ों लोगों की चिंता बढ़ा दी है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत और दक्षिणी राज्यों तक तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है. कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर से आ रही नमी और चक्रवाती परिसंचरण मिलकर एक बड़ा वेदर सिस्टम बना रहे हैं. यही वजह है कि जून की शुरुआत में ही मौसम ने आक्रामक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य भारत में गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन इसके साथ तूफानी हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ जाएगा. किसानों के लिए यह मौसम राहत और चिंता दोनों लेकर आया है. जहां बारिश फसलों के लिए फायदेमंद हो सकती है, वहीं तेज हवाएं और ओले भारी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं.खासकर उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों और पहाड़ी राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले सकता है. IMD ने लोगों को बेवजह यात्रा से बचने, खुले मैदानों में न रुकने और बिजली चमकने के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है. दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधी और तेज बारिश का अलर्ट है. यूपी और बिहार में कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा जताया गया है. झारखंड और पश्चिम बंगाल में तूफानी हवाएं बड़े पेड़ों को उखाड़ सकती हैं. दूसरी ओर, केरल और तमिलनाडु में मानसून की एंट्री के साथ भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिस्टम आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है. यही वजह है कि देश के बड़े हिस्से में अलर्ट मोड जैसी स्थिति बन गई है.मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, केरल और तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं. कई जगहों पर 50 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी चेतावनी जारी की गई है.

मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले दो दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है.विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है. वहीं राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार उत्तर और पूर्व भारत की ओर बढ़ रही है. यही वजह है कि उत्तर भारत में धूल भरी आंधी और पूर्वी भारत में भारी बारिश की स्थिति बन रही है. दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक इस पूरे सिस्टम को और ज्यादा ताकत दे सकती है.बिहार में 5 जून से लेकर अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद खराब रह सकता है. पटना, गया, नवादा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जैसे जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका है. IMD ने कहा है कि कई जगहों पर 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है. ग्रामीण इलाकों में लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि बारिश के बाद फिर से उमस और हीटवेव की स्थिति बन सकती है.उत्तर प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा उग्र रूप दिखा सकता है. लखनऊ, मेरठ, नोएडा, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने किसानों और खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, लेकिन बारिश के बाद इसमें गिरावट आने की संभावना है।
