बिहार-यूपी समेत पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ होगी तेज बारिश,जान लीजिए ताजा अपडेट

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देश में मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसे देखकर मौसम वैज्ञानिक भी लगातार निगरानी कर रहे हैं. आमतौर पर प्री-मानसून सीजन में आंधी और बारिश की घटनाएं होती हैं, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग है. मौसम विभाग के INSAT-3DS सैटेलाइट ने 1600 किलोमीटर लंबी एक विशाल थंडरस्टॉर्म बेल्ट रिकॉर्ड की है, जो राजस्थान से लेकर मध्य भारत होते हुए तेलंगाना तक फैली हुई दिखाई दी. यह सिर्फ बादलों की एक पट्टी नहीं है, बल्कि एक ऐसे वेदर सिस्टम का संकेत है जो देश के बड़े हिस्से को एक साथ प्रभावित कर सकता है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम का मिजाज अचानक बदलने वाला है. कहीं तेज बारिश होगी, कहीं आंधी 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है. ऐसे में मौसम का यह तांडव केवल गर्मी से राहत की खबर नहीं है, बल्कि सतर्क रहने का भी बड़ा संदेश है।मौसम विभाग के अनुसार देश के करीब 70 से 80 फीसदी हिस्से में किसी न किसी रूप में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं. इसके पीछे कई मौसमी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं. उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, मध्य पाकिस्तान और दक्षिण गंगा के मैदानी इलाकों के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. यही कारण है कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक मौसम का एक विशाल नेटवर्क बन गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्म सतह, पर्याप्त नमी और ऊपरी स्तर की अनुकूल हवाओं ने वातावरण को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है. इसका नतीजा आने वाले 48 घंटों में देश के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आंधी और वज्रपात के रूप में सामने आ सकता है.IMD द्वारा जारी ताजा चेतावनी में 17 राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खास बात यह है कि इस बार केवल मैदानी राज्य ही नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में भी मौसम का खतरा बढ़ गया है. उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना इस बात का संकेत है कि स्थिति को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है. हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है.

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सैटेलाइट तस्वीरों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कई हिस्सों पर घने बादलों का बड़ा समूह दिखाई दे रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि यह बादल केवल सामान्य वर्षा नहीं देंगे, बल्कि कई जगहों पर तेज तूफान, बिजली और भारी बारिश का कारण बन सकते हैं. ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।बिहार के पटना, गया, रोहतास, नवादा, जमुई, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. यहां 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात को लेकर चेतावनी दी है. ग्रामीण इलाकों में लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है. सहारनपुर, मेरठ, आगरा, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।मध्य प्रदेश के विदिशा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, बेतूल, देवास, उज्जैन और धार समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. भोपाल में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।केरल, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. मन्नार की खाड़ी, अंडमान सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में समुद्र बेहद उग्र रह सकता है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो रही हैं।

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