बंगाल सरकार में जानें कौन-कौन बने मंत्री?महिला से लेकर क्रिकेटर तक

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पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार की कैबिनेट का विस्तार कर दिया गया है. राज्य में पहली बार सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कैबिनेट चयन में हर वर्ग का ख्याल रखा. 24 दिन पहले जब शुभेंदु ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब निसिथ प्रमाणिक को केंद्र से लाकर राज्य का मंत्री बनाया गया था. अब नई कैबिनेट विस्तार में भी कई ऐसे अनजान और अनोखे चेहरे हैं जिन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया है.राज्य में BJP की पहली बार सरकार बनाने के करीब 3 हफ्ते बाद, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज सोमवार को अपने कैबिनेट का विस्तार कर दिया. नबन्ना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोर में BJP के 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. इस विस्तार के साथ, राज्य में मंत्रियों की कुल संख्या 6 से बढ़कर 41 हो गई है. 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में, मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है, इस तरह से बीजेपी सरकार में अभी भी 3 मंत्री पद बचे हुए हैं.पश्चिम बंगाल कैबिनेट का विस्तार आज सोमवार को कर दिया गया. आज के कैबिनेट विस्तार में 13 कैबिनेट मंत्रियों के अलावा 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं. कैबिनेट में शामिल होने वालों में 13 मंत्रियों में तपस रॉय, दीपक बर्मन, शंकर घोष, अर्जुन सिंह, मनोज उरांव, गौरी शंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, अनूप कुमार दास, अजय कुमार पोद्दार, शरदवत मुखोपाध्याय और दूध कुमार मंडल शामिल हैं. जबकि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ लेने वालों में मालती राभा रॉय, इंद्रनील खान और राजेश मेहता शामिल हैं.इनके अलावा 19 अन्य राज्य मंत्री बनाए गए हैं. जिन विधायकों को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई गई, उनमें अशोक डिंडा, जोएल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, कौशिक चौधरी, गार्गी दास घोष, भास्कर भट्टाचार्य, दिवाकर घरामी और सुमना सरकार शामिल थे. इनके अलावा शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय ने भी राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली.कैबिनेट में शामिल किए गए नामों में सबसे चौंकाने वाला नाम कलीता माझी का है. पूर्वी बर्दवान के औशग्राम क्षेत्र से BJP के टिकट पर चुनाव जीतने वाली कलिता मंत्री बनाई गई हैं. उनका जीवन खासा संघर्षपूर्ण रहा है.कलीता राजनीति में आने से पहले घरों में नौकरानी का काम किया करती थीं. और उनकी महीने की कमाई महज 2500 रुपये थी. परिवार चलाने के लिए उन्होंने घरों में नौकरानी का काम किया जबकि उनके पति प्लंबर का काम करते हैं.

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कलिता ने 12,535 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी.इसी तरह उत्तर दिनाजपुर के करांडीघी से 30 साल के विधायक बिराज बिस्वास भी मंत्री बनाए गए हैं. वह विधानसभा के सबसे युवा विधायकों में से एक हैं. पेशे से वे कलकत्ता हाई कोर्ट में वकालत करते हैं. छात्र राजनीति से उन्होंने अपनी पहचान बनाई. छात्र आंदोलन से निकलकर सक्रिय राजनीति में आए बिराज पहले एबीवीपी के राज्य सचिव और अखिल भारतीय सचिव के पद पर रह चुके हैं. उन्होंने करांडीघी से दिग्गज नेता गौतम पाल को हराया था.अशोक डिंडा भी राज्य मंत्री बनाए गए हैं. डिंडा भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज रहे हैं. मोयना सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतने वाले डिंडा को राज्य मंत्री बनाया गया है. इसी तरह पत्रकार से नेता बने 2 विधायकों को मंत्री बनाया गया है. ये नेता हैं स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय.आज की कैबिनेट में कई महिला विधायक को मंत्री बनाया गया है, जिनमें कलीता माझी, मौमिता बिस्वास मिश्रा, सुमना सरकार, गार्गी घोष दास और पूर्णिमा चक्रवर्ती शामिल हैं. इनके अलावा अग्निमित्रा पॉल पहले ही कैबिनेट मंत्री बनाई गई थीं.शुभेंदु कैबिनेट में उत्तरी बंगाल का प्रतिनिधित्व काफी बढ़ा है. प्रमाणिक के साथ-साथ उत्तरी बंगाल के कई विधायकों शंकर घोष, विशाल लामा, जुएल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, दीपक बर्मन और मालती राभा रॉय शामिल हैं, को मंत्री बनाया गया है, इसके अलावा विधानसभा स्पीकर रथिंद्र घोष भी इसी क्षेत्र से आते हैं.राज्य की बीजेपी सरकार का गठन पिछले महीने 9 मई को हुआ था, तब मुख्यमंत्री शुभेंदु के साथ-साथ 5 अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने भव्य समारोह में शपथ लिया था. इससे पहले मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेने वाले 5 कैबिनेट मंत्रियों के चयन में भी सभी का ख्याल रखा गया. अग्निमित्रा पॉल (महिला), अशोक कीर्तनिया (मतुआ समुदाय), निसिथ प्रमाणिक (राजबंशी समुदाय), और क्षुदीराम टुडू (आदिवासी समाज ) अलग-अलग वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं.

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