दलितों के नाम पर कांग्रेस करते आई है राजनीति,आंबेडकर से नेहरू और गांधी के नहीं थे अच्छे रिश्ते!
डॉक्टर बी.आर. आंबेडकर हर राजनीतिक दल की जरूरत हैं. आजाद भारत में लोकसभा के दो चुनावों में वे नाकाम रहे. लेकिन दिलचस्प है कि निधन के सात दशक बाद देश के वे इकलौते नेता हैं, जिनके नाम के सहारे एक बड़े वोट बैंक को अपने पाले में खींचने की राजनीतिक दलों को उम्मीद रहती है. […]Read More
