बिश्नोई गैंग ने कनाडा में दिखाया अपना खौफ,हर बिजनेसमैन को देना होगा टैक्स!

 बिश्नोई गैंग ने कनाडा में दिखाया अपना खौफ,हर बिजनेसमैन को देना होगा टैक्स!
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कनाडा में बिश्नोई गैंग का दबदबा लगातार बढ़ रहा है. गुरुवार को कनाडा पुलिस ने एक पत्र के हवाले से बताया कि यहां पर गैंग के 1000 शूटर एक्टिव हैं, जो जबरन वसूली के धंधे में शामिल है. कनाडा पुलिस का कहना है कि गैंग के अधिकांश सदस्यों की कनाडा में एंट्री अप्रवासी वीजा से हुई है. हम मामलों की जांच कर रहे हैं और आने वाले वक्त में गैंग पर बड़ा एक्शन लेंगे. कनाडा लंबे वक्त से बिश्नोई गैंग से परेशान है. ओटावा ने पिछले साल बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया था।सूत्रों के मुताबिक 2015 से भारत में बंद लॉरेंस बिश्नोई के इस गैंग का कनाडा में गोल्डी बरार संचालित कर रहा है. गैंग के सदस्य पहले उन व्यापारी या बड़े लोगों की सूची तैयार करता है, जिससे वह वसूली करना चाहता है. इसके बाद धमकी की प्रक्रिया शुरू होती है.ब्रिटिश कोलंबिया पुलिस के मुताबिक नवंबर 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से उसे एक चिट्ठी मिली थी. इस चिट्ठी में लिखा गया था कि यहां पर हमारे 1000 बंदूकधारी जवान सक्रिय हैं. ये एक इशारे पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर सकते हैं.

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पूरे कनाडा को दहला सकते हैं.कनाडा में बिश्नोई गैंग की एंट्री साल 2019 में हुई थी. धीरे-धीरे यह गैंग कनाडा में अपना विस्तार कर चुका है. 2023 में गैंग ने कई घटनाओं की जिम्मेदारी ली, जिसके बाद कनाडा की पुलिस ने इस गैंग को रडार पर ले लिया.कनाडा पुलिस ने गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के जरिए बिश्नोई गैंग के काम करने के तरीकों पर एक रिपोर्ट जारी की है. इसमें कहा गया है कि गैंग बाहर के देशों से आने वाले लोगों को साधता है. उसे अपराध कराने के लिए उकसाता है. बदले में उसे कुछ पैसे देता है. गैंग के सदस्य गोल्डी बरार के नाम पर धमकी देता है. इसके लिए व्हाट्सऐप का इस्तेमाल किया जाता है.गिरोह के निशाने पर दक्षिण एशियाई व्यापारी है. जोरा सिद्धू जबरन वसूली के पूरे काम को देखता है. अगर कोई व्यापारी पैसा नहीं देता है तो उसके ठिकानों पर पहले संकेत के तौर पर गोली चलवाता है.पुलिस ने आगे बताया कि जबरन वसूली के लिए गैंग के सदस्य अंतरराष्ट्रीय फोन नंबरों के साथ एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते हैं।बिश्नोई गैंग ने पिछले साल कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एबॉट्सफोर्ड पुलिस स्टेशन को एक धमकी भरी चिट्ठी भेजी थी. इस चिट्ठी में दावा किया गया था कि गैंग के पास 1000 से ज्यादा ऐसे लोग हैं जो शूटिंग और हिंसक वारदातों को अंजाम देने के लिए तैयार हैं. कनाडा में चल रही एक डिपोर्टेशन सुनवाई के दौरान एडमॉन्टन पुलिस के अधिकारी कॉन्स्टेबल केविन सेंट लुईस ने इस चिट्ठी का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2025 को एबॉट्सफोर्ड पुलिस स्टेशन को यह लेटर मिला था,जिसमें गैंग ने खुद को एक बड़े क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन के तौर पर पेश किया.पुलिस अधिकारी के मुताबिक, चिट्ठी में लिखा था कि हर बिजनेसमैन को अपना टैक्स देना होगा. जांच एजेंसियों का मानना है कि यहां टैक्स का मतलब उगाही यानी एक्सटॉर्शन मनी से था. कनाडा पुलिस के मुताबिक, गैंग दक्षिण एशियाई समुदाय के कारोबारियों और लोगों को निशाना बना रहा है. उनसे मोटी रकम मांगी जाती है और पैसे नहीं देने पर उनके घरों और दुकानों पर गोलियां चलाई जाती हैं.जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग कनाडा में पढ़ने आए भारतीय छात्रों और टेम्पररी वर्क परमिट पर मौजूद युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल कर रहा है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर आरोपी हाल ही में कनाडा पहुंचे थे और उन्हें छोटी रकम देकर शूटिंग जैसी वारदातों में इस्तेमाल किया जाता था. पुलिस के मुताबिक, कई युवाओं को गैंग अपनापन और गैंग का हिस्सा बनने का लालच देकर जोड़ता है. कई मामलों में स्कूल और कॉलेज के आसपास भी ऐसे युवाओं को टारगेट किया गया।

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