सब्जी और बिस्कुट से लेकर साबुन तक,महंगाई ने आम लोगों का कर दी बुरा हाल

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बढ़ती महंगाई ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. दिन पर दिन महंगाई बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से आम लोगों को गुजारा करना भारी पड़ रहा है. भारत में महंगाई को लेकर मई 2026 की रिपोर्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. इस दौरान कई जरूरी चीजों के दामों में तेजी और कुछ में गिरावट दर्ज की गई है.रिपोर्ट के मुताबिक, सोने-चांदी के आभूषण और टमाटर सबसे ज्यादा महंगे हुए है. इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ा. वहीं आलू और मटर जैसी सब्जियों के दाम घटे हैं. भारत में खुदरा महंगाई दर 2026 में बढ़कर करीब 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो फरवरी में 3,21 प्रतिशत थी. यह बढ़ोतरी खासतौर से कुछ चुनिंदा वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल के चलते हुई है.मई 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत दर्ज की गई, जो शहरी क्षेत्रों की 3.53 प्रतिशत महंगाई दर से अधिक रही। खाद्य महंगाई भी ग्रामीण क्षेत्रों में 4.85 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.66 प्रतिशत दर्ज की गई। इससे साफ है कि खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का असर गांवों में अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिला।आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 4.78 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 4.20 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि खुदरा महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजह रही।मई के दौरान जिन वस्तुओं में सबसे अधिक महंगाई दर्ज की गई,उनमें चांदी के आभूषण,टमाटर,सोना-हीरा-प्लैटिनम के आभूषण, अदरक तथा किशमिश और मुनक्का शामिल रहे। चांदी के आभूषणों में महंगाई दर 155.23 प्रतिशत दर्ज की गई। टमाटर में 48.43 प्रतिशत, सोना-हीरा-प्लैटिनम आभूषणों में 40.93 प्रतिशत और अदरक में 32.49 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई। वहीं किशमिश और मुनक्का में महंगाई दर 21.97 प्रतिशत रही।दूसरी ओर कुछ वस्तुओं की कीमतों में गिरावट बनी रही। मई में सबसे कम महंगाई वाले उत्पादों में आलू, मटर, मोटर कार और जीप, जीरा तथा मोटरसाइकिल एवं स्कूटर शामिल रहे। आलू में महंगाई दर -23.71 प्रतिशत रही, जबकि मटर में -11.47 प्रतिशत दर्ज की गई।

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मोटर कार और जीप में -7.19 प्रतिशत तथा जीरे में -4.59 प्रतिशत की महंगाई दर्ज की गई।विभागवार आंकड़ों के अनुसार रेस्तरां और आवास सेवाओं में महंगाई दर 5.75 प्रतिशत रही। खाद्य एवं पेय पदार्थ श्रेणी में 4.55 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई। वहीं व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सेवाओं की श्रेणी में सबसे अधिक 18.46 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई।मई 2026 में आवास महंगाई दर 2.12 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 2.73 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 1.91 प्रतिशत दर्ज की गई।पिछले सप्ताह RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया था। केंद्रीय बैंक का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पेट्रोल और डीजल की लागत बढ़ी है, जिसका असर महंगाई पर पड़ रहा है।मई से अब तक पेट्रोल की खुदरा कीमतों में कुल 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। RBI के अनुसार ईंधन कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ रहा है। आने वाले महीनों में इसका प्रभाव उपभोक्ता कीमतों पर और अधिक दिखाई दे सकता है।ग्लोबल मार्केट में पश्चिम एशिया संकट के चलते सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे कमोडिटी और कच्चे माल की कीमतों में एक बार फिर उछाल आ गया है. एफएमसीजी कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रॉफिट मार्जिन (मुनाफे) को सुरक्षित रखने की थी. रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती इनपुट लागत के भारी दबाव से निपटने के लिए कंपनियों के पास कीमतों में बढ़ोतरी करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था. यही वजह है कि चुनिंदा कैटेगरीज में कंपनियों ने धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाना शुरू कर दिया है।

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