मुजफ्फरपुर हॉस्पिटल कांड पर सियासत तेज,मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला
मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद अस्पताल में आईसीयू में लगी आग से हुई दर्दनाक मौतों का मामला अब मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। इस हादसे में अब तक पांच मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीज विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं। घटना को लेकर मानवाधिकार अधिवक्ता डॉ. एस.के. झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), नई दिल्ली और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी), पटना में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।दायर याचिकाओं में मानवाधिकार अधिवक्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच रिटायर्ड जज की निगरानी में कराने की मांग की है।

साथ ही हादसे के लिए जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि इतने बड़े हादसे की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके।मुजफ्फरपुर के निजी प्रसाद अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने की घटना सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस भीषण हादसे में पांच मरीजों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।मानवाधिकार अधिवक्ता डॉ. एस.के. झा ने कहा कि शहर के एक बड़े निजी अस्पताल में इस तरह मरीजों की मौत होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इस घटना में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि इसी कारण राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर रिटायर्ड जज की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
