ED की टीम पर सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने किया हमला,केरलम में क्यों आमने-सामने हुए अधिकारी और समर्थक

 ED की टीम पर सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने किया हमला,केरलम में क्यों आमने-सामने हुए अधिकारी और समर्थक
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केरलम में सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को निशाना बनाया. उन्होंने ईडी की गाड़ी पर ईंट और पत्थरों से हमला किया है. ये घटना तिरुवनंतपुरम में हुई है. विपक्षी नेता पिनाराई विजयन और पूर्व मंत्री एवं विधायक मोहम्मद रियास के घरों पर ED की छापेमारी के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के लिए सड़क जाम कर दी. बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारियों के वाहन की खिड़की तोड़ दी गई. तिरुवनंतपुरम जिले के बेकरी जंक्शन स्थित पिनारयी विजयन के घर के सामने पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई. यह छापेमारी सीएमआरएल-एक्सालॉजिक वित्तीय लेनदेन मामले में की गई थी.खबरों के मुताबिक, सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों के वाहन में तोड़फोड़ की. इससे पहले, कन्नूर में पिनाराई विजयन के आवास और कोझिकोड के कोट्टुली स्थित मोहम्मद रियास के घर पर तलाशी अभियान पूरा हो चुका था. कोझिकोड में पुलिस और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. इसके बाद नेताओं ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शन को नियंत्रण में लाया गया. इस बीच, ईडी की तलाशी करीब आठ घंटे तक चली.ED ने केरल की कंपनी सीएमआरएल यानी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और कंपनी के अधिकारियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. ED की टीम ने केरल के कन्नूर, एर्नाकुलम, तिरुवनंतपुरम और बेंगलुरु समेत करीब 10 जगहों पर तलाशी ली. जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी में फर्जी खर्च दिखाकर करोड़ों रुपये का खेल किया गया.यह मामला सबसे पहले साल 2019 में सामने आया था, जब इनकम टैक्स विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारा था. जांच में करीब 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च मिलने की बात सामने आई थी. बाद में इस मामले की जांच सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस यानी एसएफआईओ को दी गई.एसएफआईओ ने अपनी जांच में दावा किया कि कंपनी ने पिछले 15 साल में करीब 182 करोड़ रुपये के फर्जी कैश खर्च दिखाए.

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साथ ही कंपनी के एमडी एस.एन. ससीधरन कार्ता और उनके बेटे सारन कार्ता को 2015-16 से 2022-23 के बीच करीब 30.63 करोड़ रुपये वेतन और दूसरे भुगतान के रूप में दिए गए, जबकि कंपनी ने शेयरधारकों को कोई डिविडेंड नहीं दिया.ED के मुताबिक वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को भी सीएमआरएल से करीब 2.78 करोड़ रुपये दिए गए. यह रकम आईटी कंसल्टेंसी के नाम पर दी गई थी. जांच में यह भी सामने आया कि सीएमआरएल से जुड़ी एक दूसरी कंपनी ने एक्सालॉजिक को 50 लाख रुपये का लोन भी दिया था.सीएमआरएल ने ईडी की जांच को केरल हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. कंपनी का कहना था कि बिना किसी मूल अपराध के ईडी जांच नहीं कर सकती, लेकिन 26 मई 2026 को केरल हाईकोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि ईडी की जांच कानून के मुताबिक है.इसके बाद ईडी ने तलाशी अभियान शुरू किया. ED के मुताबिक वीणा विजयन जिस घर में रह रही थीं, वहां उनके पिता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन भी मौजूद थे. तलाशी के दौरान निवेश और बैंक एफडी से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले है, जिनकी जांच की जा रही है. फिलहाल ईडी पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है.

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