टाउनशिप से बिहार की जनता क्यों है नाखुश?चार गुना कीमत मिलने पर भी परेशान है लोग!
बिहार सरकार मास्टर प्लान के तहत राज्य में 11 जगहों पर टाउनशिप बसाने जा रही है. 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के डेवलपमेंट के लिए जगह भी चिह्नित हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है. जिस वजह से उन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है. इस सरकारी आदेश के बाद किसानों की टेंशन बढ़ गई हैं. सभी किसानों की अपनी जरूरत है. कई किसान तो ऐसे हैं, जो जमीन बेचकर बेटी की शादी करने वाले थे लेकिन अब वह बुरी तरफ फंस गए हैं.उत्तर बिहार के विकास को एक नई ऊंचाई देने के लिए मिथिलांचल की राजधानी कही जाने वाली दरभंगा में मिथिला नाम से सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया है. यह आधुनिक शहर दरभंगा एयरपोर्ट से मात्र 1.5 किलोमीटर की दूरी पर बसाया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रशासन ने जिले के 102 गांवों को चिह्नित कर लिया है, जहां ग्रेटर नोएडा जैसे फॉर्मूला पर भविष्य में एक सुनियोजित और स्मार्ट सिटी की नींव रखी जाएगी।आदेश के बाद जहां बहुत लोगों में खुशी है तो वहीं दूसरी ओर भू-माफिया और गरीब किसान जो अपनी या फिर किसी कारण से जमीन बेचने के नाम पर पैसा उठा लिएं थे, उनके लिए चिंता का सबब बन गया हैं. आदेश के अचानक लागू होने से उन गरीब किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिन्होंने अपनी बेटियों की शादी या अन्य जरूरी कामों के लिए जमीन बेचने का सौदा कर रखा था.रजिस्ट्री पर रोक लगने के कारण वे अब अपनी ही जमीन नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उनकी पारिवारिक योजनाएं अधर में लटक गई हैं.

कई लोगों ने जमीन के अग्रिम राशि भी ले ली थी लेकिन अब रजिस्ट्री नहीं होने के कारण उन पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ गया है.इस नई टाउनशिप को नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर विकसित करने की योजना है. मास्टर प्लान के तहत यहां चौड़ी सड़कें, आधुनिक ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम, सार्वजनिक पार्क, ओपन स्पेस, कम्युनिटी एरिया और कमर्शियल जोन बनाए जाएंगे. चूंकि यह दरभंगा एयरपोर्ट और निर्माणाधीन एम्स के पास है, इसलिए यहां बड़े अस्पतालों, होटलों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी विशेष जगह चिह्नित की जाएगी.जिन 11 शहरों को सैटेलाइट टाउनशिप के लिए चुना गया है, उनमें दरभंगा (मिथिला) के अलावे पटना (पाटलिपुत्र), छपरा (सारण), सोनपुर (हरिहरनाथपुर), सीतामढ़ी (सीतापुरम), मुजफ्फरपुर (तिरहुत), सहरसा (कोसी), पूर्णिया (पूर्णिया), भागलपुर (विक्रमशिला), गया (मगध), मुगेर (अंग) शामिल है.टाउनशिप की जमीन में से 55 फीसदी जमीन मालिकों के लिए, 22 प्रतिशत जमीन सड़कों के लिए, 15% जमीन सरकार के पास रहेगी, जबकि 5% जमीन सार्वजनिक सुविधा के लिए और 3 फीसदी जमीन कमजोर वर्ग के लिए होगी।
