तमिलनाडु और केरलम में जानें कैसे बदल गया राजनीतिम गेम?एक्जिट पोल में NDA को लगा बड़ा झटका
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए विभिन्न एजेंसियां अपने-अपने एग्जिट पोल जारी कर रही है। एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, असम में बीजेपी फिर से सरकार बना सकती है। JVC, मैट्राइज और पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल में भी कुछ ऐसा ही अनुमान जताया गया है।तमिलनाडु के लिए पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल में डीएमके और कांग्रेस गठबंधन का अनुमान जताया गया है। पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल में डीएमके गठबंधन को 125-145 सीटें और एनडीए को 65-80 सीटों का अनुमान जताया गया है। टीवीके को 18-24 सीटें मिल सकती हैं। कुछ ही देर में एजेंसियों द्वारा केरल और पुडुचेरी के भी एग्जिट पोल भी जारी किए जाएंगे।पुडुचेरी के लिए axis my india के एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को 40% वोट का अनुमान जताया गया है। डीएमके गठबंधन को 30% और टीवीके गठबंधन को 17% वोट का अनुमान जताया गया है।Matrize के एग्जिट पोल के अनुसार, तमिलनाड में डीएमके की सरकार बनने की संभावना है। राज्य में डीएमके गठबंधन को 122-132 सीटें जबकि AIADMK गठबंंधन को 87-100 सीटें मिल सकती है।तमिलनाडु के लिए पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल में डीएमके और कांग्रेस गठबंधन का अनुमान जताया गया है। पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल में डीएमके गठबंधन को 125-145 सीटें और एनडीए को 65-80 सीटों का अनुमान जताया गया है। टीवीके को 18-24 सीटें मिल सकती हैं।पुडुचेरी के लिए axis my india के एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को 40% वोट का अनुमान जताया गया है। डीएमके गठबंधन को 30% और टीवीके गठबंधन को 17% वोट का अनुमान जताया गया है।साल 2021 में तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव में डीएमके गठबंधन को जीत हासिल हुई थी। इस चुनाव में डीएमके गठबंधन को 159 सीटों और AIADMK गठबंधन को 75 सीटें मिली थीं।पुडुचेरी में नौ अप्रैल को सभी तीस सीटों पर एक साथ वोट डाले गए थे। यहां मुख्य मुकाबला एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल संकेत दे रहे हैं कि राज्य की सियासत में इस बार बड़ा फेरबदल हो सकता है, एक्सिस माय इंडिया के आकलन के मुताबिक, अभिनेता विजय की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) बड़ी ताकत बनकर उभर सकती है और उसे करीब 98 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है.वहीं, सत्ताधारी DMK को 92 से 110 सीटों के बीच रहने का अनुमान है, जिससे मुकाबला बेहद कड़ा नजर आ रहा है. AIADMK इस बार काफी पीछे छूटती दिख रही है और मात्र 22 से 32 सीटें आने का अनुमान जताया गया है.कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF को केरलम चुनाव में 78 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, लगातार दूसरी बार सत्ता में रही LDF (वामपंथी गठबंधन) के लिए ये संकेत झटका देने वाले हैं. एग्जिट पोल के मुताबिक, LDF इस बार घटकर 49 से 62 सीटों के बीच सिमट सकती है.एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के अनुसार, केरलम में पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरे बने हुए हैं. सर्वे में 33% लोगों ने उन्हें दोबारा सीएम के रूप में देखने की इच्छा जताई है. वहीं, कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन को 21% लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया है।सर्वे में SC वोटरों का 57 प्रतिशत समर्थन LDF को मिलता दिखाया गया है. वहीं UDF (कांग्रेस गठबंधन) को 33 प्रतिशत, NDA को सिर्फ 9 प्रतिशत और अन्य दलों को 1 प्रतिशत दलित वोट मिलने का अनुमान है. आंकड़े यह संकेत देते हैं कि 2021 के मुकाबले दलित वर्ग में LDF की पकड़ और मजबूत हुई है, जबकि UDF और NDA दोनों इस वर्ग में पीछे दिखते हैं. यानी सामाजिक आधार के लिहाज से केरल की राजनीति में दलित वोट इस बार भी निर्णायक रूप से लेफ्ट के पाले में नजर आया है।
