भाजपा नेता ने दिया विवादित बयान,मदरसों को बंद करो नहीं तो..देश हो जाएगा बर्बाद!
महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने मदरसों को आतंकवादियों के लिए पनपने की जगह करार दिया। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राज्य में इस्लामी स्कूलों को बंद करने का आग्रह करेंगे। विधानसभा भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने अपने हमले को और तीखा बनाने के लिए एक वायरल वीडियो का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर एक मौलवी एक छात्र को पीटते हुए दिखाई दे रहा है।उन्होंने कहा, ‘आपने बच्चों को पीटते हुए मौलवी का वीडियो देखा है। यह सावंतवाड़ी का है, जो मेरा गृह जिला है और मैं जिले का पालक मंत्री भी हूं। आपको जल्द ही पता चल जाएगा कि उसके खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई होने वाली है।’ राणे सिद्धूदुर्ग जिले के कंकावली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।नितेश राणे ने कहा, ‘मैं उन्हें ऐसा सबक सिखाऊंगा कि अगली बार बच्चों के साथ ऐसा करने से पहले उनके हाथ कांप उठेंगे।’ भाजपा नेता ने मदरसों की जरूरत पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, ‘मदरसों की जरूरत ही क्यों है? यही मूल प्रश्न है। ये मदरसे आतंकवाद के गढ़ हैं। यहीं पर आतंकवादी तैयार होते हैं।’राणे ने कहा कि वह जानना चाहते हैं कि क्या कोई इस्लामी देश हिंदुओं के लिए ऐसे स्कूलों की अनुमति देता है, जहां केवल भगवद गीता पढ़ाई जाती है। उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसे मदरसों को क्यों बढ़ावा देना चाहिए? अगर आप कुरान पढ़ाना चाहते हैं, तो उसके लिए मस्जिदें हैं। कभी-कभी इन मदरसों में हथियार मिलते हैं, और कभी-कभी बच्चों की पिटाई जैसी घटनाएं भी होती हैं।’मंत्री ने कहा कि इस्लामिक स्कूल को लेकर उनका रुख स्पष्ट है। उन्होंने दावा किया, ‘मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा और उनसे सभी मदरसों को बंद करने के लिए कहूंगा, क्योंकि यहां आतंकवादी पैदा होते हैं।’ इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी ने कहा कि भारत के किसी भी मदरसे में कोई आतंकवादी गतिविधि नहीं होती है।अबू आजमी ने कहा, ‘अगर वे चाहें तो मदरसों में सीसीटीवी कैमरे लगा सकते हैं। उन्हें रहने के लिए कमरा और खाना दिया जाएगा। वे वहां रहकर जांच कर सकते हैं। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आपको ऐसी कोई गतिविधि नहीं मिलेगी।’सपा विधायक अबू आसिम आजमी ने आगे कहा कि वे आपको कमरा और खाना देंगे, आप वहां रहकर जांच कर सकते हैं। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि आपको ऐसी कोई गतिविधि नहीं मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है। नमाज का समय तय है। अगर कोई कहीं भी नमाज पढ़ता है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मालेगांव का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हुआ था। जानकारी में सामने आया था कि मालेगांव लोकसंघर्ष समिति के अध्यक्ष लुकमान कमाल के नेतृत्व में वार्ड के लोगों ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के बिजली विभाग पर धरना दिया। ऐसा कहा गया था कि रमजान का महीना भी चल रहा है और धरने के दौरान असर की नमाज का वक्त हो गया। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने वहीं बिजली विभाग के दफ्तर में ही जमात में नमाज अदा कर ली थी।
