पंजाब में जीत के लिए बीजेपी ने शुरू की तैयारी,बंगाल मॉडल से AAP को करेगी सत्ता से बाहर
अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आक्रामक रणनीति बनाई है और पार्टी ने उस रणनीति पर काम भी शुरू कर दिया है. अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले चुनाव में पार्टी पश्चिम बंगाल की तर्ज पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को उनके पारंपरिक गढ़ में चुनौती देने की तैयारी कर रही है. बीजेपी का जोर पंजाब के मतदाताओं के बीच खुद को सरकार बनाने के लिए एक मजबूत और व्यवहारिक विकल्प के रूप में स्थापित करने पर है.बीजेपी पंजाब में भी वही चुनावी रणनीति अपनाने जा रही है, जिसके तहत उसने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के मजबूत क्षेत्रों में पूरी ताकत झोंकी थी. बंगाल में बीजेपी ने ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर और नंदीग्राम तथा अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले क्षेत्रों के साथ दक्षिण बंगाल और कोलकाता में भी आक्रामक चुनाव प्रचार किया था. पंजाब में भी बीजेपी उसी रणनीति पर काम कर रही है.पंजाब में बीजेपी ने उन 53 विधानसभा सीटों पर विशेष फोकस करने का फैसला किया है, जहां परंपरागत रूप से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मजबूत रही हैं. पार्टी की रणनीति इन दोनों दलों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में सीधे मुकाबले की है.

बीजेपी नेताओं का मानना है कि पंजाब में पार्टी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह मतदाताओं के बीच खुद को सरकार बनाने में सक्षम विकल्प के रूप में कितना भरोसा दिला पाती है. इसलिए बीजेपी की तैयारी आप और कांग्रेस को उसके गढ़ में घेरने की है. इसके लिए आप और कांग्रेस के मजबूत क्षेत्रों में प्रभावशाली और चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले नेताओं की पहचान की जा रही है.पार्टी ऐसे नेताओं को चुनाव से पहले अपने साथ जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम कर रही है, ताकि पंजाब में अपने संगठन और चुनावी आधार को मजबूत किया जा सके.पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी को मालवा, माझा और दोआबा क्षेत्रों की करीब 30-32 सीटों पर मजबूत माना जाता है. वहीं कांग्रेस शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के साथ माझा और दोआबा के कुछ हिस्सों की लगभग 35-40 सीटों पर प्रभाव रखती है.बीजेपी की इस नई रणनीति का आधार पिछले लोकसभा चुनाव के नतीजे भी हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब की 13 में से सात सीटें जीती थीं, जबकि आम आदमी पार्टी को तीन सीटों पर जीत मिली थी. शिरोमणि अकाली दल ने एक सीट जीती थी और दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे थे.लोकसभा चुनाव के विधानसभा क्षेत्रवार नतीजों के मुताबिक, कांग्रेस 37 विधानसभा सीटों पर आगे रही थी, जबकि आम आदमी पार्टी 33, बीजेपी 23 और शिरोमणि अकाली दल नौ सीटों पर बढ़त बनाने में सफल रहा था. बीजेपी इन आंकड़ों को राज्य में अपने विस्तार की संभावनाओं के तौर पर देख रही है. पार्टी का मानना है कि आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता विरोधी रुझान का सामना करना पड़ रहा है और इसका लाभ विपक्षी दलों को मिल सकता है.वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोट प्रतिशत करीब 42 रहा था. कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं और उसका वोट प्रतिशत लगभग 23 था. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में आप का वोट प्रतिशत घटकर करीब 26 प्रतिशत रह गया, जबकि कांग्रेस का वोट शेयर बढ़कर लगभग 26.3 प्रतिशत हो गया.बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में 23 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल की थी. पार्टी छह सीटों पर दूसरे और 16 सीटों पर तीसरे स्थान पर रही थी. इस तरह बीजेपी ने कुल 45 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी.वहीं, शिरोमणि अकाली दल नौ विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर रहा था, जबकि पांच-पांच सीटों पर दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा था. साथ ही बीजेपी आम आदमी पार्टी को घेरने ले लिए 3C—यानि क्राइम, करप्शन और चिट्टा यानि नशे को मुद्दा बना रही है. बीजेपी अभी नशे के खिलाफ पंजाब में यात्रा निकाली जा रही है, जिसका समापन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे. बीजेपी केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज और उपलब्धियों को भी जोर-शोर से पंजाब की जनता के बीच ले जा रही है.
