ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हुई तेज,देशभर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ हुआ प्रदर्शन
देशभर में कांग्रेस ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए. पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग के पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया तथा झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, मणिपुर, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में रैलियां, धरने और प्रदर्शन किए.कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने सोमवार को कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, तब तक पार्टी पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने श्रीनगर में वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया और फॉर्म 6 के इस्तेमाल को लेकर चल रहे विवाद पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया से जुड़े बदलावों ने वोटरों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर दी हैं और इस प्रक्रिया की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए हैं.खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस कुछ समय से एसआईआर को लेकर चिंताएं जता रही है. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग से मिली जानकारी और घटनाक्रमों ने विपक्षी पार्टी द्वारा उठाए गए सवालों को और मजबूत किया है.

झारखंड के रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय का घेराव किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुराने विधानसभा परिसर के पास से विरोध मार्च निकाला, जो धुर्वा स्थित सीईओ कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुआ.कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने आरोप लगाया, “ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और लोकतंत्र की मर्यादा को भंग कर रहे हैं। वह वोट चोरी में लगे हुए हैं.”कमलेश ने कहा, “हमारे नेता राहुल गांधी ने पूरे देश के सामने हरियाणा और महाराष्ट्र में वोट चोरी के संबंध में सबूत और तथ्य रखे हैं.”कांग्रेस की झारखंड इकाई का यह प्रदर्शन ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद हुआ है, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज कराई, जिन्हें उन्होंने कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना जारी किया गया बताया था.सीईओ के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ के. रवि कुमार से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा.झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेपीसीसी) के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा, ‘‘हमने सीईओ के. रवि कुमार से मुलाकात कर उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें ज्ञानेश कुमार की तरह किसी खास पार्टी के एजेंट के रूप में काम नहीं करना चाहिए. हमने झारखंड से जुड़े मुद्दे भी उठाए और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य में किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए.’’वहीं, केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सोमवार को कहा कि देश के लोगों का निर्वाचन आयोग पर भरोसा नहीं रह गया है.चेन्निथला ने निर्वाचन आयोग पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा निर्वाचन आयोग के तहत एक और चुनाव कराना ‘‘धोखा’’ होगा.उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसलिए, अगर भारत में संसदीय लोकतंत्र को कायम रखना है तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और निर्वाचन आयुक्तों के चयन के लिए बनी समिति का पुनर्गठन कर उसमें भारत के प्रधान न्यायाधीश को शामिल किया जाना चाहिए.’’इसके आलावा, कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने कथित ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर सोमवार को जम्मू क्षेत्र में प्रदर्शन किया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा गिरफ्तारी की मांग की.जम्मू में जिला कांग्रेस कमेटी जम्मू शहरी और ग्रामीण ने शहीदी चौक पर प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और फिर उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च करने का प्रयास किया. हालांकि, पुलिस ने उनके बीच मार्च को रोक दिया.प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले पूर्व मंत्री और डीसीसी जम्मू शहरी के अध्यक्ष योगेश साहनी ने कहा, ‘‘आज हमारी चार मांगें हैं. पहली, हम कुमार का इस्तीफा चाहते हैं. दूसरी, उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए. तीसरी, उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए सभी फैसले वापस लिए जाने चाहिए. चौथी, इन कदमों के पीछे जो लोग हैं, उन्हें भी इस्तीफा देना चाहिए.’’वही, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने सोमवार को दावा किया कि मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस की चिंताओं की पुष्टि हो गई है, क्योंकि दो चुनाव आयुक्तों ने इस मुद्दे को स्वीकार किया है.विक्रमार्क ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर यहां तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय पर सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से आयोजित धरने में हिस्सा लिया. प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई.मणिपुर में भी कांग्रेस के सदस्यों और समर्थकों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर को लेकर पार्टी के आरोपों के बीच ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कई जिलों में प्रदर्शन किया.इंफाल पूर्वी जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पोरोमपत स्थित उपायुक्त कार्यालय के पास प्रदर्शन किया और कुमार के खिलाफ नारे लगाए.कांग्रेस के उपाध्यक्ष अमीन शाह ने कहा, ‘‘कुमार के खिलाफ हमारा प्रदर्शन देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा है. हमारा उद्देश्य उन्हें गिरफ्तार करवाना, न्याय सुनिश्चित करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना है.’’मेंगलुरु में दक्षिण कन्नड़ जिला कांग्रेस कमेटी ने पंपवेल के महावीर सर्किल से पडिल स्थित उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और इसके बाद प्रदर्शन सभा की. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारे लगाए तथा कुमार के तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की.प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद्मराज आर. पुजारी, विधान परिषद सदस्य इवान डिसूजा और पी. वी. मोहन तथा पूर्व विधायक जे. आर. लोबो शामिल हुए.कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने मतदाता सूची के एसआईआर में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग के पक्षपातपूर्ण कामकाज का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को राज्यभर में प्रदर्शन किए.गुजरात के सुरेंद्रनगर और जूनागढ़ में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष और महिला विंग व एनएसयूआई के सदस्य शामिल हुए. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. इसके लिए 150 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए, जिनमें एक एएसपी, बी डिवीजन और ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशनों की टीमें और जोरावरनगर पुलिस स्टेशन के कर्मचारी शामिल थे.बिना जरूरी मंजूरी के रैली निकालने पर पुलिस ने 200 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नौशाद सोलंकी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग लोकतंत्र की हत्या कर रहा है.सुरेंद्रनगर जिला भाजपा अध्यक्ष हार्दिक तमालिया ने कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा, “जब पार्टी किसी राज्य में जीतती है तो सिस्टम की तारीफ़ करती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर उंगली उठाती है. उसे जनता को गुमराह करना और ऐसे बेबुनियाद दावे फैलाना बंद करना चाहिए.”
