बिहार के कई जिलों में आंधी-पानी को लेकर अलर्ट हुई जारी,जल्दी से हो जाइए सावधान
बिहार में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है. मौसम विभाग ने राज्य के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. बिहार के कुल 32 जिलों में आंधी-पानी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने सूबे के 20 जिलों में भारी बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मानसून के फिर से सक्रिय होने के कारण राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है.मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहेगा. जिन 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं. इसके साथ ही गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है.ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की सूची: पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका।इन जिलों के लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि बारिश के साथ-साथ भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की भी आशंका जताई गई है।बिहार के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों के 12 जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है.पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी.इन जिलों में भी हवा की रफ्तार सामान्य से अधिक रहेगी और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों से पक्के मकानों में शरण लेने की अपील की गई है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से थमा हुआ मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाला है. अगले 24 से 48 घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं का प्रवाह बिहार के मैदानी इलाकों में काफी तेजी से बढ़ेगा. इसके प्रभाव से राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा.

इसके बाद बिहार के अधिकांश हिस्सों में अच्छी और लगातार बारिश देखने को मिलेगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी.अगर बीते 24 घंटे की बात करें तो पटना सहित बिहार के कई जिलों में सूरज की तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया. रविवार को 41.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ कैमूर जिला पूरे बिहार में सबसे गर्म रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा राज्य के 7 अन्य जिलों का पारा भी 40 डिग्री सेल्सियस या उससे पार पहुंच गया. हालांकि, रविवार की शाम गयाजी (गया) और उसके आसपास के इलाकों में हुई अचानक तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया. जिससे वहां के लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिली.राजधानी पटना के लिए मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार को दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. शहर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. अगर पटना में ठीक-ठाक बारिश होती है, तो अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आ सकती है. जिससे मौसम सुहावना हो जाएगा.डीएम ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अत्यधिक तापमान और गर्म हवाओं के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. बच्चों को हीट स्ट्रोक और अन्य बीमारियों से बचाने के लिए स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. प्रशासन ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस अवधि के नुकसान की भरपाई के लिए अपनी शैक्षणिक गतिविधियों और कक्षाओं को बाद में पुनर्निर्धारित करें।भले हीं बारिश का अलर्ट हो, लेकिन पिछले हफ्ते पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है. पटना के डीएम कुंदन कुमार ने एक सरकारी आदेश जारी करते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) में कक्षा 8 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह आदेश 22 जून से 27 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।
