शशि थरूर पर फिर से भड़की कांग्रेस,कश्मीर के मौजूदा हालात की तारीफ करना पड़ा महंगा

 शशि थरूर पर फिर से भड़की कांग्रेस,कश्मीर के मौजूदा हालात की तारीफ करना पड़ा महंगा
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कांग्रेस सांसद कश्मीर पर दिए बयान को लेकर पार्टी के निशाने पर हैं. कांग्रेस में उनकी जमकर आलोचना हो रही है. दरअसल थरूर ने जम्मू-कश्मीर में हालात नॉर्मल होने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही थी. उनकी ये बात कांग्रेस को पसंद नहीं आई. दरअसल थरूर ने कहा कि उनको अपने जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान पॉजिटिव चीजें महसूस हुईं. केंद्र शासित प्रदेश में हालात सामान्य होने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है. नालंदा डायलॉग्स’ के लिए जम्मू पहुंचे थरूर ने लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं थीं. कांग्रेस को ये बिल्कुल भी पसंद नहीं आया. श्रीनगर दौरे और उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ उनकी मुलाकात ने कांग्रेस के भीतर हंगामा खड़ा कर दिया है. जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सांसद थरूर को यहां की जमीनी हकीकत समझने के लिए कश्मीर घाटी के लोगों से मिलने का समय निकालना चाहिए था.

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वहीं बीजेपी प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने कहा कि एक तरफ जहां कांग्रेस केंद्र की कश्मीर नीति पर लगातार हमले बोल रही है, वहीं जमीनी हकीकत की तस्वीर कुछ और ही है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पत्थरबाजी लगभग खत्म हो चुकी है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 18 महीनों में एक भी कश्मीरी युवा आतंकवादी गुटों में शामिल नहीं हुआ है.बता दें कि शशि थरूर ने श्रीनगर पहुंचने के बाद कश्मीर को लेकर जो कुछ भी कहा वह कांग्रेस के उन आरोपों से बिल्कुल उलट हैं, जो वह बीजेपी पर लगातार लगाती रही है. कांग्रेस कहती रही है कि बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा छीनकर केंद्र-शासित प्रदेश कर दिया. वहां पर हालात सामान्य करने में सरकार नाकाम रही है. जबकि थरूर ने कहा कि प्रगति उत्साहजनक है. उनका ये बयान पार्टी के आधिकारिक रुख के बिल्कुल उलट है.बता दें कि शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘श्रीनगर लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बेहतरीन बैठक का मौका मिला. इस दौरान राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा हुई. उन्होंने आगे कहा कि जब वह वहां पहुंचे तो सिन्हा कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे, जो एक सकारात्मक पहल है. उन्होंने आगे कहा कि अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन मीटिंग के बाद उनको सकारात्मकता का एहसास हुआ.

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