अपने जिद्द से पीछे हटेंगे ट्रंप!ईरान को देंगे बड़ी राहत
आप कल्पना कीजिए कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई एक दूसरे से मुलाकात कर रहे हैं, एक दूसरे से हाथ मिला रहे हैं….. जब दोनों मुल्क के बीच इतनी कड़वाहट फैल चुकी है, जब ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने मुजतबा के पिता पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और हजारों ईरानी लोगों को मौत के घाट उतारा हो.. ऐसी किसी मुलाकात के बारे में सोचना भी मुश्किल लगता है. हालांकि ट्रंप ने ठीक ऐसी ही उम्मीद जताई है. ट्रंप ने कहा है कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलना सम्मान की बात होगी. हालांकि साथ ही यह भी कहा कि अगर ईरान ने किसी अमेरिकी सेना को मारा तो जंग विकराल रूप में वापस शुरू हो सकती है.राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए गुरुवार को कहा कि अगर युद्ध खत्म करने का समझौता होता है, तो वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर से मिलने के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मैं मिलना नहीं चाहता. लेकिन अगर मैं मिला, तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी. मैं देखना चाहूंगा कि क्या हम समझौता कर सकते हैं. अगर समझौता होता है, तो संभव है कि मैं उनसे मिलूं. मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी.”जब उनसे पूछा गया कि क्या यह बैठक अमेरिका में हो सकती है, तो ट्रंप ने कहा, “मैंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सुना है. मैंने यह सुझाव नहीं दिया, लेकिन कुछ लोगों ने सुझाव दिया है.” ट्रंप ने कहा कि वह किसी भी बैठक में सम्मान दिखाएंगे. उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि मैं उनका पसंदीदा व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन इसके बावजूद वह शायद एक प्रोफेशनल व्यक्ति हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सर्कल में सुप्रीम लीडर की अच्छी प्रतिष्ठा है।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी सैनिकों को मारता है, तो यह युद्ध फिर से शुरू करने का “अच्छा कारण” होगा. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अगर उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को मार दिया, तो यह ऐसा करने का अच्छा कारण होगा… उनकी कोई नौसेना नहीं है, कोई वायु सेना नहीं है, हमने उनकी लीडर टीम को खत्म कर दिया है. फिर आप झूठी खबरों में पढ़ते हैं कि वे जंग में बहुत अच्छा कर रहे हैं, यह विश्वास करने लायक नहीं है. उनके पास 159 जहाज थे और वे सभी समुद्र के नीचे पड़े हैं. हमने उनकी नीचे की तस्वीरें ली हैं.ट्रंप ने गुरुवार को अमेरिका की प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की आलोचना की. दरअसल बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ट्रंप को ईरान पर आगे सैन्य कार्रवाई से रोकने के लिए वोट किया.

इसमें ट्रंप की पार्टी के चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया. यह प्रस्ताव 215 वोट के मुकाबले 208 वोट से पास हुआ और अब सीनेट में जाएगा. ट्रंप ने कहा कि यह “बेकार वोट” है. उन्होंने अपनी पार्टी के उन चारों सांसदों की भी आलोचना की जिन्होंने उनके हिसाब से “देश विरोधी” कदम का समर्थन किया।अमेरिका जिस इजरायल-लेबनान सीजफायर को अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत बता रहा है, उसी समझौते पर अब सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है. ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह ने इस समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है और साफ कह दिया है कि यह शांति समझौता नहीं, बल्कि लेबनान से सरेंडर करवाने की कोशिश है. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी तेवर दिखाते हुए कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव में जीत आखिरकार अमेरिका की ही होगी, चाहे वह कूटनीति से मिले या फिर सैन्य कार्रवाई से.हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने जारी बयान में कहा कि अमेरिका समर्थित यह समझौता लेबनान के लिए ‘अपमानजनक’ है. उन्होंने कहा कि बातचीत पूरी तरह बेकार रही और लेबनान की बड़ी आबादी इस समझौते को स्वीकार नहीं करती. कासिम ने कहा कि जिस समझौते में सिर्फ हिज्बुल्लाह को हथियार छोड़ने, फायरिंग रोकने और दक्षिणी लेबनान से पीछे हटने को कहा जाए, वह वास्तव में इजरायल के सभी रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने जैसा है।अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त बयान के मुताबिक युद्धविराम लागू होने के लिए हिज्बुल्लाह को पूरी तरह फायरिंग बंद करनी होगी. इसके अलावा दक्षिण लितानी सेक्टर में बनाए जाने वाले सुरक्षा बफर जोन से हिज्बुल्लाह के सभी लड़ाकों को हटाना होगा. वहां केवल लेबनानी सेना की मौजूदगी रहेगी।
