20 साल की सजा और 16 बार हो चुकी रिहाई,राम रहीम पर क्यों मेहरबान है सरकार?
रेप और हत्या के दोषी सिरसा डेरा चीफ बाबा राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिल गई. आज सुबह जेल से बाहर निकल गया. उसके काफिले में 4 गाड़ियां थीं. गुरमीत राम रहीम को बार- बार मिलने वाली पैरोल को लेकर सवाल उठते रहे हैं. साध्वियों के यौन शोषण और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में गुरमीत सजा काट रहा है. गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में सजा हुई थी. इसी साल जनवरी महीने में भी 40 दिन की पैरोल मिली थी.राम रहीम 15 फरवरी को वापस सुनारिया जेल पहुंचा था. पहली पैरोल मां की बीमारी को लेकर मिली थी. सबसे पहले बरनावा आश्रम उत्तर प्रदेश गया था. उसके बाद लगातार 12 बार बागपत के आश्रम में ही रहा. अब लगातार तीसरी बार सिरसा आश्रम के लिए रवाना हुआ. पहले जब भी राम रहीम जेल से बाहर निकलता था तो कड़ी सुरक्षा में जाता था. आज न तो कोई सुरक्षा थी और न ही कोई पुलिस का नाका लगाया गया था. डेरे से आई 3 गाडियां और एक PCR की सुरक्षा में राम रहीम सिरसा डेरा रवाना हुआ.बाबा राम रहीम को साध्वियों से यौन उत्पीड़न के मामलों में 2017 में सजा हुई थी. इसके बाद 2019 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में आजीवन कारावास हुआ था. फिर 2021 में सीबीआई कोर्ट से डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या करने पर आजीवन कारावास हुआ. इसके तीन साल बाद 2024 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राम रहीम को रणजीत सिंह मर्डर केस में बरी कर दिया.पत्रकार की हत्या और साध्वियों के यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम पर सरकार ज्यादा ही मेहरबान नजर आ रही है. 2017 से अब तक 9 साल में राम रहीम 430 दिन जेल के बाहर रहा है. अब 16वीं बार जेल से बाहर आया है. सूत्रों की मानें तो गुरमीत राम रहीम ने इस बार अच्छे आचरण को दर्शाते हुए जमानत की अर्जी भी लगाई है. राम रहीम को पैरोल मिलने पर कुछ पाबंदियां यह भी लगाई गई है कि वह सार्वजनिक स्थान पर जनसभा नहीं कर सकेगा और डेरे से बाहर नहीं जाएगा।

गौर रहे कि जेल नियमों के अनुसार कोई भी कैदी 70 से 100 दिन तक जेल से बाहर रह सकता है और उसे पैरोल और फरलो दी जा सकती है. राम रहीम के इस साल की बात करें तो 70 दिन की पैरोल और फरलो पूरी हो जाएगी. गुरमीत राम रहीम को चुपचाप जेल से बाहर निकाला गया.पैरोल का कोटा खत्म होने के बावजूद राम रहीम इस साल अभी भी तीन हफ्ते की ‘फरलो’ का फायदा उठा सकता है। कानून के मुताबिक फरलो को टुकड़ों में नहीं लिया जा सकता।जब कोई कैदी पैरोल पर बाहर होता है, तो वह समय उसकी सजा की कुल अवधि में नहीं जोड़ा जाता। जबकि, फरलो पर बिताया गया समय सजा के हिस्से के रूप में ही गिना जाता है यानी उस दौरान की सजा माफ मानी जाती है।हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (अस्थायी रिहाई) एक्ट, 2022 के तहत एक कैलेंडर वर्ष (जनवरी से दिसंबर) में किसी भी कैदी को कुल 10 हफ्ते की पैरोल मिल सकती है। इसे दो हिस्सों में लिया जा सकता है।इस साल जनवरी में राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली थी। अब 30 दिन की पैरोल मिलने के साथ ही उसके 2026 के कैलेंडर ईयर का 10 हफ्ते का पैरोल कोटा पूरी तरह खत्म हो गया है।
