अंगूठा लगाते हीं अब होगा UPI पेमेंट,PIN का झंझट हुआ खत्म
1 अप्रैल 2026 से UPI पेमेंट का तरीका बदल गया है। अब यूजर्स को पैसे भेजने के लिए PIN डालने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था में फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से पेमेंट होगा, जिससे ट्रांजेक्शन पहले से ज्यादा तेज और सुरक्षित हो जाएगा।देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके UPI में आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही पेमेंट का तरीका अपडेट कर दिया गया है। अब तक UPI से पैसे भेजने के लिए PIN डालना जरूरी होता था, लेकिन अब इसकी जगह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ने ले ली है। यानी अब यूजर्स अपने फिंगरप्रिंट के जरिए ही पेमेंट कर सकेंगे। यह बदलाव Paytm, PhonePe, Google Pay और अन्य सभी UPI आधारित एप्स पर लागू होगा।भारत में हर दिन करीब 80 करोड़ UPI ट्रांजेक्शन होते हैं। सरकार का लक्ष्य इसे 100 करोड़ तक पहुंचाने का है। ऐसे में सिस्टम को और सुरक्षित बनाना जरूरी हो गया था।

PIN आधारित सिस्टम में कई बार फ्रॉड के मामले सामने आए हैं। फोन खो जाने या PIN लीक होने पर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है।इसके मुकाबले फिंगरप्रिंट, फेस और आईरिस जैसे बायोमेट्रिक सिस्टम ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं। यही वजह है कि अब UPI में भी इस तकनीक को शामिल किया गया है।इस नए फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपने UPI एप में जाकर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन ऑन करना होगा।जब आप QR कोड स्कैन करेंगे और पेमेंट अमाउंट डालेंगे, तो स्क्रीन पर फिंगरप्रिंट देने का ऑप्शन आएगा।जैसे ही आप अपना फिंगरप्रिंट स्कैन करेंगे, पेमेंट तुरंत पूरा हो जाएगा। WhatsApp में जुड़ा नया फीचर: अब मेंबर टैग से सबको बताएं अपना रोल; जानें कैसे करें इस्तेमालगूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही अपने अकाउंट्स के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। अब यूपीआई में इसके आने से आपको भीड़भाड़ वाली जगहों पर छिपकर पिन डालने की टेंशन नहीं होगी। यह तरीका न केवल आपकी प्राइवेसी को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आपके डिजिटल अनुभव को भी पहले से बेहतर बनाएगा।यह बदलाव डिजिटल इंडिया के सफर में एक मील का पत्थर है। हालांकि शुरुआत में आपको यह थोड़ा अलग लग सकता है, लेकिन सुरक्षा और स्पीड के लिहाज से यह पिन सिस्टम से कहीं ज्यादा बेहतर है।
