राज्यों की OBC जातियों को केंद्रीय OBC सूची में किया जाएगा शामिल?बीजेपी सांसद ने रखी डिमांड
राज्यसभा में 30 मार्च सोमवार को BJP OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डॉ. के. लक्ष्मण ने मुसलमानों को OBC कैटेगरी से बाहर करने का सवाल उठाया. बीजेपी नेता के लक्ष्मण का मानना है कि धार्मिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए. उनके इस सवाल के बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया है. उन्होंने राज्यों की OBC जातियों को केंद्रीय OBC सूची में शामिल करने की मांग उठाई.इसके साथ ही उन्होंने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में कई OBC समुदायों को उनके संबंधित राज्यों की OBC सूचियों में तो मान्यता मिली है, लेकिन उन्हें अभी तक OBC जातियों की केंद्रीय सूची में शामिल नहीं किया गया है. उन्होंने सदन में कहा कि ऐसा तब हुआ है जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशें की गई हैं. डॉ. लक्ष्मण BJP की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) के सदस्य भी हैं.लक्ष्मण ने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) ने पहले ही तेलंगाना की 27 और आंध्र प्रदेश की पांच जातियों को OBC जातियों की केंद्रीय सूची में शामिल करने की सिफारिश कर दी है. उन्होंने कहा कि मैंने सरकार से आग्रह किया कि इन समुदायों को OBC की केंद्रीय सूची में शामिल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि उन्हें वे लाभ और अवसर मिल सकें, जिनके वे सही हकदार हैं.इससे पूरे देश में पिछड़े समुदायों के लिए ज्यादा सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा. उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए, बीजेपी नेता लक्ष्मण ने कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कई OBC समुदायों को केंद्रीय OBC सूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।इस मुद्दे को लेकर सदन में विपक्षी दलों, जिनमें कांग्रेस भी शामिल है, ने कड़ा विरोध जताया। चर्चा के दौरान जब सभापति ने विपक्षी सदस्यों को बोलने की अनुमति नहीं दी, तो विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही और कार्यवाही प्रभावित हुई। विपक्ष का कहना था कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि सत्तापक्ष का दावा था कि प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही चल रही थी।सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने विपक्ष के वॉकआउट को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘INDIA’ गठबंधन के नेताओं की संसदीय परंपराओं और बहसों में रुचि नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार व्यवधान डालकर संसदीय कार्यवाही को बाधित करता है। नड्डा ने कहा कि जहां BJP सांसद ने एक महत्वपूर्ण और वैध मुद्दा उठाया, वहीं विपक्ष ने चर्चा से बचने के लिए वॉकआउट का रास्ता चुना।जे.पी. नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि मुस्लिम आरक्षण का समर्थन वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय पहले ही इस तरह की व्यवस्था पर सवाल उठा चुका है और इसे रद्द कर चुका है। BJP नेताओं ने कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष बहस में भाग लेने के बजाय सदन से बाहर निकलने को प्राथमिकता देता है।
