जंग रुकवाने में पीएम मोदी निभाएंगे रोल!युद्ध को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने दिया बड़ा बयान
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर कहा कि हम तो चाहते हैं कि वॉर जल्दी खत्म हो और इसमें जो रोल पीएम मोदी अदा करते हैं वो कोई और नहीं कर सकता है क्योंकि उनके सभी मुल्कों के साथ अच्छे तालुकात हैं. ट्रंप साहब को अगर ये लगता है कि ईरान पर राज कर लेंगे तो ईरान पर सालों साल किसी ने राज नहीं किया है. इतना आसान नहीं होगा. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे लगता है कि सीजफायर की घोषणा हो और युद्ध यही खत्म हो जाए.यह पहली बार नहीं जब किसी नेता ने इस तरह की बात कही हो. इससे पहले भी कई नेता इसका जिक्र कर चुके हैं और इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि पीएम मोदी के अमेरिका, ईरान, रूस और इजराइल सभी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं. यही कारण है कि कुछ दिन पहले फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा था कि ईरान-अमेरिका और इजराइल युद्ध में भारत बड़ी भूमिका अदा कर सकती है.बता दें कि जब से ईरान जंग की शुरुआत हुई है, तब से पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के कई नेताओं से बात की है.

प्रधानमंत्री ने कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ईरान, इजराइल, मलेशिया और ओमान समेत कई देशों के नेताओं से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने तनाव कम करने के साथ-साथ शांति के जरिए इस युद्ध को समाप्त करने पर जोर दिया. भारत इस युद्ध पर लगातार नजर रख रहा है।वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई हमानेह ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका के साथ कोई सीधे बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा, केवल मध्यस्थों के जरिये अव्यवहारिक और अत्यधिक मांगों के संदेश आ रहे हैं और ईरान स्पष्ट रूप से इसका खंडन करता है। उन्होंने कहा, अमेरिकी ‘कूटनीति’ लगातार बदलती रहती है, लेकिन हमारा रुख स्पष्ट है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का मंच उनका अपना है और ईरान ने उनसे भाग नहीं लिया तथा क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने की अपील स्वागत योग्य है, लेकिन यह याद रखना चाहिए कि इस संघर्ष की शुरुआत किसने की थी।ईरान ने यह बयान ऐसे समय में दिया है, जब पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के प्रतिनिधि मिलकर वार्ता का प्रयास कर रहे हैं ताकि युद्ध को खत्म किया जा सके, लेकिन अब भी प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो पाई है।इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, अमेरिका, ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए एक और अधिक समझदार शासन के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहा है।उन्होंने कहा कि इस दिशा में काफी प्रगति हुई है। लेकिन अगर किसी भी वजह जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है (जिसकी बहुत अधिक संभावना है)और अगर होर्मुजलडमरूमध्य व्यापार के लिए नहीं खुलता है, तो हम उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे, जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक छुआ नहीं है। उन्होंने लिखा, यह उन असंख्य सैनिकों और अन्य लोगों का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पिछले शासन के 47 वर्षों के आतंक के दौरान बेरहमी से मार डाला था। इस मामले पर ध्यान देने के धन्यवाद।
