विपक्ष ने नीतीश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था की खोली पोल,RJD MLC और मंत्री पांडेय के बीच हुई तीखी बहस
ग्रामीण विकास विभाग पर राजद विधायक गौतम कृष्ण ने कई गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि मैं 14 महीने तक प्रखंड विकास पदाधिकारी रहा। मेरे ऊपर जो आरोप लगे, उसे बिना सुने हुए मंत्री ने मुझ पर कार्रवाई कर दी गई। आपका विभाग आंख पर पट्टी बांधकर काम करता है। विधायक ने कहा कि मुझे 14 महीने तक किस तरह से तंग किया गया? खामिल मैंने अपने त्याग पत्र में जिक्र किया था। उन्होंने मंत्री श्रवण कुमार पर हमला करते हुए कहा कि आप अगर भ्रष्टाचारियों का साथ नहीं देते आज मैं इस सदन में नहीं रहता। मुझ जैसे ईमानदार अधिकारी को दूध की मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया गया। मनरेगा में किस तरह भ्रष्टाचार व्याप्त था। 60 फीसदी पैसा चढ़ावा में ही चला जाता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के घर कागज पर तो हैं लेकिन आप कोसी के इलाके में चले जाएं, किसी गरीब के घर आपको पक्के नहीं दिखेंगे। सारे पैसे लूट लिए जाते हैं। बिहार विधान परिषद में विपक्ष की ओर से एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दकी ने स्वास्थ्य के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि पटना में अस्पताल तो आपने बना दिए हैं। स्वीकृति पद के अनुसार काफी कम डॉक्टर और नर्स हैं। पीएमसीएच की हाल खराब है।

एक जमाने में पीएमसीएच नार्थ ईस्ट इंडिया के बड़े अस्पतालों में एक था। इस पर स्वास्थ्य मंगल पांडेय ने कहा कि 2005 से पहले पीएमसीएच की क्या हालत थी। 1952 से लेकर 2005 तक किन लोगों ने पीएमसीएच को डूबाया? इसका जवाब विपक्ष को देना चाहिए। उन्होंने लालू-राबड़ी राज की याद दिलाते हुए कहा कि पीएमसीएच का हाल उस वक्त काफी खराब हो गया। 2005 के बाद पीएमसीएच ही नहीं सभी अस्पतालों में बेहतर व्यवस्था के लिए काम किए गए। इसके बाद अब्दुल बारी सिद्दकी ने मंगल पांडेय ने कहा कि आप प्रश्न से दाएं-बाएं न भटके। अस्पताल में जितने स्वीकृत बल है, उसके हिसाब से तो आप बहाली कीजिए। अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं है। उन्होंने राजेंद्र नगर अस्पताल को लेकर मीटिंग बुलाने की बात कही। कहा कि वहां की हालत बहुत खराब है। मंगल पांडेय ने कहा कि जब आप मंत्री थे, तो बेड नहीं था। आप ही बता दीजिए कि क्या हाल था उस अस्पताल का? अब मैंने कैसा बना दिया?
