AI, ड्रोन और डिजिटल मार्केटिंग समेत नए कौशल सीखेंगे युवा,बिहार में हीं मिलेगी रोजगार

 AI, ड्रोन और डिजिटल मार्केटिंग समेत नए कौशल सीखेंगे युवा,बिहार में हीं मिलेगी रोजगार
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार शाम पांच बजे मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 11 एजेंडों पर निर्णय लिए। इनमें कुशल युवा कार्यक्रम के विस्तार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन, पीएम सूर्य घर योजना के तहत अतिरिक्त सहायता, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और बीएड संस्थानों के शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण समेत कई प्रस्ताव शामिल हैं। इधर, कैबिनेट की बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने जिन प्रस्ताव पर मुहर लगाया, उनमें से कुछ का सोशल मीडिया पर जिक्र किया। सीएम ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तारित करने, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को मजबूत करने और राज्य के 300 से अधिक एकल शिक्षक-शिक्षा संस्थानों को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालयों में बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।कैबिनेट ने कुशल युवा कार्यक्रम को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 430.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। योजना के तहत युवाओं को रोजगार के बदलते दौर की जरूरतों के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन, सोलर तकनीक, नेटवर्किंग, डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, टेली, विदेशी भाषा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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सीएम ने कहा कि इस पहल से प्रत्यक्ष रूप से 6,436 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं, हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का जोर युवाओं को पारंपरिक कौशल के साथ भविष्य की तकनीक से जोड़ने पर है।कैबिनेट ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक सुदृढ़ करने और विस्तारित करने को भी मंजूरी दी। वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 950 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति दी गई है।सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अब तक इस योजना के तहत 4.81 लाख से अधिक आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, 4.15 लाख से अधिक विद्यार्थियों को करीब 8,865 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय बाधाओं से मुक्त करना है।सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि कैबिनेट ने राज्य के करीब 300 से अधिक एकल शिक्षक-शिक्षा संस्थानों को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालयों में रूपांतरित और शैक्षणिक रूप से मजबूत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।इसके बाद विद्यार्थियों को एक ही परिसर में B.Ed. के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य और अन्य विषयों में स्नातक तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ने का अवसर मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ कौशल विकास, अनुसंधान और रोजगारपरक शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ नगर निकायों में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने की मंजूरी दी गई। इसके लिए संबंधित नगर निकायों में 10 एकड़ भूमि 25 वर्षों के लिए तेल कंपनियों को निशुल्क उपयोग हेतु उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी दी गई। निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की कुल स्वीकृत सीटों में 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद, पटना के माध्यम से होगा। विशेष सचिव संजय कुमार की 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्ति के बाद एक साल के लिए संविदा के आधार पर नियोजन को मंजूरी दी गई। उनका नियोजन 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक रहेगा।

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