खाने में कौन सा तेल है सबसे बेस्ट,सेहत के लिए क्या चुनें?
हाल ही में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कस्टूमर से खुला या बिना सील वाला खाने का तेल न खरीदने की अपील की. उन्होंने इसे असुरक्षित बताया. साथ ही बताया कि, मिलावट जैसी गड़बड़ियां पाए जाने के बाद इस सेक्टर के लिए एक कंप्लायंस ऑर्डर जारी किया गया है.उसके बाद से लोगों में तेल को लेकर भी एक सवाल रहता है. आज के समय में हममें से ज्यादातर लोग खुद को सेहतमंद और फिट रखने के लि हेल्दी कुकिंग ऑयल को पसंद कर रहे हैं. क्योंकि खाना बनाने में तेल की भूमिका सिर्फ स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सेहत पर भी सीधा असर डालता है.

आज बाजार में ऑलिव ऑयल, नारियल तेल, कैनोला ऑयल, एवोकाडो ऑयल और कई तरह के तेल आपको आसानी से मिल जाएंगे. ऐसे में यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कुकिंग के लिए कौन सा तेल सबसे अच्छा है. क्योंकि हर तेल के अपने गुण और सीमाएं होती हैं. इसलिए एनडीटीवी ने बात की जाने-माने कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहान (Dr. Naresh Trehan) से और उनसे कोलेस्ट्रॉल संबंधी कई बातें पूछी, साथ ही ये भी जाना कि कौन सा तेल सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है. डॉक्टर त्रेहान ने कहा कि कोलेस्ट्रॉल बॉडी का एसेंशियल पार्ट होता है. हमारी बॉडी खुद कोलेस्ट्रॉल बनाती है. कोलेस्ट्रॉल बुरा नहीं होता ज्यादा लेवल में इसका होना खराब होता है. पहले हम बाहर से कंज्यूम करने वाले फैट को कोलेस्ट्रॉल के लिए ब्लेम करते थे अब पता चला है कि यह हमारे शरीर की कोलेस्ट्रॉल को हैंडल करने की क्षमता पर निर्भर करता है. उन्होंने समझाया कि कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत हाई नहीं है, तो कोई दिक्कत नहीं है. आपकी बॉडी खुद कोलेस्ट्रॉल बनाती है और उसे कंज्यूम करती है. कोलेस्ट्रॉल को मेंटेन रखने के लिए आप डाइट में बदलाव कर सकते हैं. जैसे कि येलो बटर की जगह व्हाइट बटर यूज करें, ये ज्यादा अच्छा होता है. क्योंकि यह प्रोसेस्ड नहीं होता.डॉ त्रेहान ने कहा कि ऑलिव ऑयल काफी महंगा होता है, इसलिए सबके लिए उसे अफोर्ड कर पाना मुमकिन नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरी सलाह है कि लोगों को हर 6 महीने में अपना तेल बदल देना चाहिए, चाहें वो सनफ्लावर ऑयल यूज कर रहे हैं, राइस ऑयल या फिर मस्टर्ड ऑयल. उन्होंने कहा कि हर ऑयल में कुछ कमी होती है, उसके अंदर कोई न कोई जहरीला पदार्थ (Poisonous material) होता है.अलसी के तेल का स्मोक पॉइंट बहुत कम होता है, इसलिए इसे गैस पर खाना पकाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. लेकिन सलाद, डिप्स और स्मूदी के लिए यह एकदम स्मार्ट चॉइस है. यह आपके शरीर में ओमेगा-3 की कमी को पूरा करता है. इसमें मौजूद अल्फा-लिनोलेनिक एसिड दिल के मरीजों के लिए बहुत अच्छा होता है और यह ब्लड प्रेशर को भी कम कर सकता है.कैनोला ऑयल में सैचुरेटेड फैट बहुत कम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट काफी ज्यादा होता है. इसमें फाइटोस्टेरॉल होते हैं, जो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के अब्जॉर्प्शन को कम करने में मदद कर सकते हैं. यह ओमेगा-3 का भी एक अच्छा सोर्स है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है.कैनोला ऑयल में सैचुरेटेड फैट बहुत कम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट काफी ज्यादा होता है. इसमें फाइटोस्टेरॉल होते हैं, जो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के अब्जॉर्प्शन को कम करने में मदद कर सकते हैं. यह ओमेगा-3 का भी एक अच्छा सोर्स है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है.एवोकाडो ऑयल एक ऐसा तेल है जिसे आप ठंडी चीजों जैसे सलाद, डिप्स या स्मूदी और गरम चीजों जैसे ग्रिलिंग या बेकिंग दोनों में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें ओलिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जिससे सेहत को कई फायदे मिल सकते हैं. जब आप इसे सब्जियों के साथ खाते हैं, तो यह आपके शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स को सोखने की क्षमता को बढ़ा देता है. यह सूजन को दूर रखता है, जोड़ों के दर्द में राहत दे सकता है और मसूड़ों की बीमारियों से भी बचाव कर सकता है.मोनोअनसैचुरेटेड फैट और विटामिन-ई से भरपूर होता है. रिफाइंड बादाम के तेल का स्मोक पॉइंट हाई होता है, इसलिए यह सीयरिंग और ब्राउनिंग जैसी हाई-हीट कुकिंग के लिए बढ़िया है. वहीं, अनरिफाइंड बादाम के तेल में नट्स जैसी खुशबू होती है, जो सलाद की ड्रेसिंग या पास्ता पर ऊपर से डालने के लिए एकदम परफेक्ट है.
