केंद्रीय मंत्रिमंडल का जल्द होगा विस्तार,युवा सांसदों को मिल सकता है मौका
पश्चिम बंगाल और असम में सरकार के गठन का काम पूरा होने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के गठन पर मंथन शुरू हो गया है। इस क्रम में पार्टी के अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष की युवा टीम बनाने के लिए राज्यों के ऊर्जावान युवा चेहरों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि युवा एवं अनुभव के मिश्रण से तैयार होने जा रही नई टीम में महासचिव पद पर ज्यादातर युवा चेहरे नजर आएंगे, जबकि उपाध्यक्ष पद पर वरिष्ठ नेताओं को अवसर दिया जाएगा।सूत्रों के मुताबिक नितिन के 20 जनवरी को अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नई टीम पर प्रारंभिक स्तर पर बातचीत शुरू तो हुई, लकिन इसके बाद पार्टी विधानसभा चुनावों में व्यस्त हो गई। जीत वाले राज्यों में सरकारों के गठन के बाद अब नई टीम पर फिर से बातचीत शुरू हुई है।

उक्त सूत्र के मुताबिक चूंकि नई टीम में केंद्रीय मंत्रिमंडल के भी कुछ चेहरों को जगह मिलेगी, ऐसे में नई टीम के गठन के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल का भी विस्तार होगा।पार्टी नेतृत्व और संघ दोनों चाहते हैं कि इसमें राज्यों के ऐसे ऊर्जावान युवाओं को मौका मिले, जिससे पार्टी आगामी डेढ़ से दो दशक तक नए नेतृत्व का सूखा न झेले। वैसे भी नितिन के रूप में अब तक के सबसे युवा को संगठन की कमान देकर पार्टी में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत दिया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि नई टीम का गठन 26 मई (मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने) से पहले किया जा सकता है।पूरी संभावना है कि 9 जून को तीसरे कार्यकाल का दो साल पूरा होने के आसपास मंत्रिमंडल विस्तार की रूपरेखा भी तय हो जाए। चूंकि अगले साल यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेतृत्व चुनावी राज्यों को संदेश देने के लिए मंत्रिमंडल विस्तार में देरी नहीं करेगी। विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच जिस प्रकार कई अहम मंत्रालयों की नौकरशाही में अचानक और भारी बदलाव हुए हैं, उससे मंत्रिमंडल में भी बड़ी सर्जरी के संदेश छिपे हैं। वैसे भी मोदी सरकार का हर विस्तार बड़े चेहरे का विकेट गिरने के कारण चर्चा में रहा है। नौकरशाही में बदलाव से संदेश गया है कि पीएम कई अहम मंत्रालयों के कामकाज से खुश नहीं हैं। इसके अलावा आप के सात राज्यसभा सांसदों के पाला बदल के बाद इनमें से एक को मंत्रिमंडल में जगह दी जानी है।इसी महीने की 26 तारीख को केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनने के 12 साल पूरे हो रहे हैं, जबकि अगले महीने की 9 तारीख को मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे हो जाएंगे. यदि पिछले दो कार्यकालों पर नजर डालें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में सरकार गठन के छह महीने बाद नवंबर 2014 में पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया था. इसके करीब डेढ़ साल बाद जुलाई 2016 में दूसरा विस्तार हुआ और सितंबर 2017 में पहले कार्यकाल का अंतिम विस्तार किया गया, जिसमें कई मंत्रियों को प्रमोशन मिला. दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने जुलाई 2021 में, यानी सरकार बनने के करीब दो साल बाद पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, जबकि मई 2023 में विभागों का फेरबदल हुआ था. पीएम मोदी ने 9 जून 2024 को तीसरी बार शपथ ली थी और अब दो साल पूरे होने वाले हैं. ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. फिलहाल मंत्रिमंडल में 72 सदस्य हैं, जबकि अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसे में जहां कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है, वहीं प्रदर्शन के आधार पर कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की चर्चा भी है. माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले सात राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधा जाएगा।
