जल्द होगा सम्राट कैबिनेट का विस्तार,जान लीजिए किसे-किसे बनाया जा सकता है मंत्री?
बिहार में कैबिनेट के विस्तार का इंतजार है. 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उसी दिन जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. अभी जितने भी विभाग हैं इन्हीं तीन लोगों में बांटे गए हैं. अब कैबिनेट विस्तार की चर्चा हो रही है तो माना जा रहा है कि 4 मई के बाद ये कभी भी हो सकता है. संभावित तिथि 6 और 8 मई है.बिहार में मुख्यमंत्री सहित कुल 36 मंत्रियों का कोटा है. सूत्रों की मानें तो एनडीए के सभी पांच दल के लिए फॉर्मूला तय हो चुका है. जेडीयू और बीजेपी का कोटा बराबर-बराबर रहेगा. बीजेपी से मुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री तो जेडीयू से दोनों उपमुख्यमंत्री सहित 16 मंत्री रहेंगे. यानी बीजेपी से 15 और जेडीयू से 14 चेहरे भविष्य में मंत्री बनेंगे. इसके साथ ही पुराने फॉर्मूले के अनुसार चिराग पासवान की लोजपा रामविलास से दो मंत्री बनेंगे. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (रालोमो) से एक और जीतन राम मांझी की पार्टी से एक मंत्री बनाया जाएगा.जेडीयू में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है. ज्यादातर पुराने चेहरे कैबिनेट में रह सकते हैं. कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. बीजेपी में भी कुछ नए चेहरों को मौका मिल सकता है.जो संभावित चेहरे हैं उसमें जेडीयू से दोनों उपमुख्यमंत्री के आलावा श्रवण कुमार, लेशी सिंह, अशोक चौधरी, जमा खान, शीला मंडल, सुनील कुमार, मदन सहनी, रत्नेश सदा, भगवान सिंह कुशवाहा, जयंत राज, ये लोग मंत्री बन सकते हैं. ये सभी पहले भी मंत्री रहे हैं. दूसरी ओर चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत की टीम से आने वाले कुछ विधायक भी मंत्री बन सकते हैं. इसमें चेतन आनंद जैसे युवा चेहरों का भी नाम है.बीजेपी में पुराने चेहरे के साथ-साथ नए चेहरे को ज्यादा मौका मिलने का संकेत दिख रहा. पार्टी जातीय संतुलन, अनुभव और युवा नेतृत्व को ध्यान में रखकर नाम तय कर सकती है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने संकेत दिया है कि मंत्रिमंडल संतुलित होगा और युवाओं व महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. जो संभावित चेहरे हैं उनमें विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह ‘टाइगर’ का नाम है. आरएलएम से दीपक प्रकाश फिर से मंत्री बन सकते हैं. इसकी पूरी संभावना है. चिराग पासवान अपनी पार्टी से संजय पासवान और संजय सिंह को दोबारा मौका दे सकते हैं. जीतन राम मांझी की पार्टी हम की ओर से संतोष सुमन का नाम लगभग तय है।पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की कथित नाराजगी और भूमिहार समाज में उठ रहे असंतोष को देखते हुए पार्टी कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकती है।

हाल की घटनाओं पर नजर डालें तो ऐसा लग रहा है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। भूमिहार समाज भी भाजपा पर अपने नेता की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। पिछले दो दिनों में विजय सिन्हा के करीबी आईएएस अधिकारी सीके अनिल और गोपाल मीणा के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के तबादले ने काफी बातें स्पष्ट कर दी हैं। सोशल मीडिया पर विजय सिन्हा और सम्राट चौधरी के बीच नोंकझोंक के पुराने वीडियो वायरल होने लगे। चर्चा होने लगी कि विजय सिन्हा अब किनारे कर दिए जाएंगे। तेजस्वी यादव ने भी विधानसभा में कहा कि विजय सिन्हा की नजर सम्राट चौधरी की पगड़ी पर है। हालांकि, आखिरी फैसला दिल्ली दरबार में बैठे आलाकमान को ही लेना है।अब वहीं से सारा कुछ तय होगा। भाजपा के कई एमएलसी का कार्यकाल अब सीमित समय के लिए ही बचा है, जिससे उनकी दावेदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर इन नेताओं को मंत्री बनाया जाता है तो कुछ ही महीनों बाद फिर से कैबिनेट में बदलाव करना पड़ेगा, जो सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है। भाजपा कोटे से मंत्री रहे प्रमोद कुमार और जनक राम का कार्यकाल सीमित बचा है। वहीं हरि सहनी और संतोष सिंह के पास भी करीब 11 महीने का ही कार्यकाल शेष है। ऐसे में पार्टी इन नामों पर दोबारा विचार कर सकती है। इसी बीच पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वह भी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं बचा है। उनके राजनीतिक कद को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें दोबारा मंत्री बना सकती है और आगे चलकर फिर से विधान परिषद भेजने की रणनीति अपना सकती है।
