राजधानी में आज से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण,कुल पूछे जाएंगे 33 सवाल
खास बात ये है कि इसमें आरडब्ल्यूए को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जो लोगों को स्व-गणना में मदद करेंगे। पहले चरण में घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके लिए हर वार्ड में स्व-गणना कैंप लगाए जाएंगे।दिल्ली में आज से जनगणना का पहला चरण शुरू हो रहा है और इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। खास बात ये है कि इसमें आरडब्ल्यूए को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जो लोगों को स्व-गणना में मदद करेंगे। पहले चरण में घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जिसके लिए हर वार्ड में स्व-गणना कैंप लगाए जाएंगे।उत्तर-पूर्वी जिले के डीएम कार्यालय में इस संबंध में बृहस्पतिवार को बैठक हुई, जिसमें शाहदरा की एसडीएम रीता कौशिक और विभिन्न इलाकों के आरडब्ल्यूए पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्व-गणना की प्रक्रिया, जागरूकता और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। ये स्व-गणना प्रक्रिया 1 मई से 15 मई तक चलेगी। इसके बाद अधिकारी घर-घर जाकर भरी गई जानकारी की जांच करेंगे, ताकि कोई गलती न रह जाए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इन कैंपों में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लोगों को फॉर्म भरने और सवालों के जवाब देने में मदद करेंगे। मौके पर चार्ज ऑफिसर और ट्रेनिंग ले चुके फील्ड ट्रेनर भी मौजूद रहेंगे, ताकि परेशानी न हो।डिजिटल जनगणना में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान से जुड़े सात सवाल होंगे, जैसे घर की दीवार और फर्श किस चीज से बने हैं। परिवार से जुड़े आठ सवाल होंगे, जिनमें सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम और रहने के कमरों की जानकारी शामिल है।9 सवाल बुनियादी सुविधाओं से जुड़े होंगे, जैसे पीने का पानी, बिजली और खाना बनाने के ईंधन का प्रकार। डिजिटल सुविधाओं पर पांच सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें इंटरनेट और डिजिटल डिवाइस की जानकारी शामिल होगी। 4 सवाल वाहन और अन्य जरूरी जानकारी से जुड़े होंगे।लोगों को जागरूक करने के लिए गली-गली मुनादी की जाएगी और नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे।

स्कूलों में पीटीएम के जरिये भी अभिभावकों को जनगणना के बारे में बताया जाएगा, ताकि वे घर पर सही जानकारी भर सकें और किसी तरह की दिक्कत न हो।गर्मी देखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि दोपहर के समय फील्ड विजिट नहीं होगी। इस दौरान जनगणना कर्मियों को आराम दिया जाएगा और लोगों को भी परेशान नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जनगणना से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। साथ ही, इससे भविष्य की योजनाओं के लिए सटीक डेटा मिलेगा, जिससे शहर के विकास में मदद मिलेगी।बैठक में शामिल राम नगर विस्तार के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष लोकेश पांचाल, राम नगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दीपक शर्मा, महासचिव देवेंद्र पाल शर्मा, जगजीवन नगर के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सीताराम निम्मी, जगतपुरी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजीव शर्मा, नईम खान, जाकिर हुसैन, बाल किशन गुप्ता, संजीव किसान, वरुण अग्रवाल और यश पाल शर्मा समेत अन्य लोगों ने कहा कि वह पूरी ईमानदारी के साथ प्रशासन के इस काम में सहयोग करेंगे। ताकि समय पर स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो सके।
