तेजस्वी का BJP पर बड़ा हमला,दो MLC की सदस्यता होगी रद्द?

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बिहार विधानपरिषद के दो नवनिर्वाचित निर्दलीय सदस्यों के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने की घोषणा के एक दिन बाद, रविवार को विपक्ष ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए दल-बदल रोधी कानून के तहत दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग की. बंशीधर ब्रजवासी ने पिछले हफ्ते हुए चुनाव में लगातार दूसरी बार तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट बरकरार रखी थी, जबकि राहुल राज बीजेपी के बागी नेता हैं और वह सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट जेडीयू को आवंटित किए जाने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते हैं.इन दोनों ने शनिवार शाम यहां बीजेपी के विधानमंडल सदस्यों की बैठक में पहुंचकर पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी. दोनों विधानपरिषद सदस्यों (एमएलसी) ने बीजेपी कार्यालय में पार्टी की सदस्यता पर्ची हाथ में लेकर तस्वीरें भी खिंचवाईं.राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी में शामिल होने की घोषणा करने वाले बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को अयोग्य घोषित करने की मांग की है. आरजेडी नेता ने कहा कि दोनों नवनिर्वाचित विधानपरिषद सदस्यों को दल-बदल रोधी कानून का उल्लंघन करने के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने बीजेपी पर संविधान का मजाक बनाने का आरोप भी लगाया.पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 10वीं अनुसूची में स्पष्ट प्रावधान है कि निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर निर्वाचित हुआ कोई भी सदस्य चुनाव के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होता है तो उसे सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.

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राज्यसभा सदस्य और आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने भी इन विचारों का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य विधानपरिषद के सभापति से मुलाकात करेगा. इसके अलावा, पार्टी इस मुद्दे पर चुनाव आयोग का भी रुख करेगी. आरजेडी की सहयोगी कांग्रेस ने दावा किया कि यह घटनाक्रम बीजेपी द्वारा अपने गठबंधन सहयोगी जेडीयू की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है.जेडीयू को तिरहुत स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा था. कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा, बीजेपी इंडिया गठबंधन को बिखरा हुआ गठबंधन बताती रही है. लेकिन उसने अपने ही सहयोगी दल को हराने की साजिश कैसे रची, यह अब सभी के सामने है.प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने भी सत्तारूढ़ दल पर तीखा हमला बोला. जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा, यह भारत के संवैधानिक लोकतंत्र के साथ अब तक किया गया सबसे क्रूर और भद्दा मजाक है. यह बीजेपी की ओर से जनता के बीच अपनी छवि सुधारने की कोशिश है, जिसने विधानपरिषद की आठ सीट के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में बेहद खराब प्रदर्शन किया था.बीजेपी ने चार सीट पर चुनाव लड़ा था और दो पर जीत हासिल की. वहीं, उसकी सहयोगी जेडीयू ने शेष सीट पर चुनाव लड़ा और एक सीट पर जीत दर्ज की. इसके अलावा, दो सीट पर आरजेडी और एक सीट पर जन सुराज पार्टी ने जीत दर्ज की.सौरभ ने बीजेपी के कई नेताओं के उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिनके जरिए उन्होंने यह कहते हुए विवाद को खत्म करने की कोशिश की है कि दोनों निर्दलीय विधानपरिषद सदस्यों ने पार्टी की सदस्यता नहीं ली थी, बल्कि केवल उसे अपना समर्थन दिया है. जन सुराज के प्रवक्ता ने कहा, दोनों विधानपरिषद सदस्यों ने मीडिया के सामने जो बयान दिए हैं, उनसे किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रह जाती. हमने उनकी तस्वीरें भी सुरक्षित रखी हैं, जिनमें पार्टी की सदस्यता पर्ची स्पष्ट रूप से दिख रही है.इन तस्वीरों को विधानपरिषद के सभापति और चुनाव आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा. सौरभ ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई फैसलों में स्पष्ट किया है कि दल-बदल रोधी कानून के ऐसे उल्लंघनों पर तीन महीने के भीतर कार्रवाई की जानी चाहिए. यदि इस मामले में ऐसा नहीं होता है, तो हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।

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