जेडीयू में RCP सिंह का फिर से दिखेगा जलवा!शामिल कराने के लिए लिए शुरू हुई तैयारी

 जेडीयू में RCP सिंह का फिर से दिखेगा जलवा!शामिल कराने के लिए लिए शुरू हुई तैयारी
Sharing Is Caring:

बिहार की राजनीतिक हलकों में जिस खबर का जिक्र चल रहा था, उस खबर पर अब लगभग लगभग तस्वीर साफ होती हुई दिखाई दे रही है. दरअसल एक हफ्ते पहले मीडिया ने इस बात की जानकारी दी थी कि कभी जनता दल यूनाइटेड के सिरमौर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह घर वापसी कर सकते हैं।आरसीपी के नजदीकी सूत्रों के अनुसार जेडीयू में उनकी वापसी को लेकर के पूरा रोड मैप भी तैयार किया जा चुका है. इसी विषय पर अब आरसीपी सिंह ने बड़ा बयान दिया है. इस बयान के बाद से ही अब यह बात सामने आ रही है कि सब कुछ सही रहा तो आरसीपी बहुत जल्द जनता दल यूनाइटेड में अपने वापसी कर सकते हैं.दरअसल राजधानी में बीते दिन एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. पटेल समाज की तरफ से आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार भी पहुंचे थे. इसके अलावा वहां पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे आरसीपी सिंह भी पहुंचे थे.

1000660857

इसी मौके पर आरसीपी सिंह ने कुछ ऐसी बातें कहीं जो इस बात की तरफ इशारा करने लगी कि वह अब जेडीयू में अपनी वापसी कर सकते हैं.दरअसल आरसीपी सिंह से मीडिया ने सीएम नीतीश कुमार से संबंधों की बात कही. जिस पर आरसीपी सिंह ने पुराने दिनों को याद करने लगे. आरसीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री मेरे अभिभावक हैं, यदि कोई गलती हुई है तो अभिभावक के नाते मुझे वे क्षमा करें. उनका यह भी कहना था कि सीएम नीतीश कुमार के साथ उनका लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक साथ रहा है उनसे वह कैसे अलग हो सकते हैं.उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने 25 सालों से बिहार का विकास किया है. वह ऐतिहासिक है. पटेल समाज राज्य के हर जिले में है. यह समाज पूरी तरीके से एकजुट है. हमारा समाज एक विकासशील समाज है और इसी समाज से हमारे नीतीश कुमार हैं, जिसका हमें गर्व है.कभी राज्य के साथ देश की राजनीति में अपनी धमक रखने वाले आरसीपी सिंह की जेडीयू में तूती बोलती थी. आरसीपी जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं. इसके अलावा वह नरेंद्र मोदी के सरकार में केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं. आरसीपी सिंह की सीएम नीतीश कुमार से तब नजदीकी बनी थी, जब वह रेल मंत्री थे. नवंबर 2005 में जब राज्य में सत्ता का परिवर्तन हुआ और नीतीश कुमार सीएम बने तो आरसीपी को प्रमुख सचिव बनाया गया था.इसके ठीक पांच साल के बाद आरसीपी सिंह ने वीआरएस ले लिया था और इस साल यानी 2010 में जेडीयू की तरफ से उन्हें राज्यसभा में भेजा गया. 2016 में राज्यसभा का पहला टर्म पूरा करने के बाद जेडीयू ने फिर उन्हें राज्यसभा भेजा और इसके ठीक चार साल बाद आरसीपी सिंह को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया.नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के दूसरे टर्म में आरसीपी सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री बनाए गए थे. हालांकि इसके बाद राज्यसभा के लिए उनका नाम जेडीयू ने नहीं भेजा. इसके बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और मई 2023 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे. जनवरी 2024 में जब बिहार में सत्ता का परिवर्तन हुआ और नीतीश कुमार वापस एनडीए के साथ आए थे, तब बीजेपी और आरसीपी के रिश्तों में थोड़ी खटास बन गई थी.2024 में ही आरसीपी सिंह ने ‘आप सबकी आवाज’ नाम से अपनी पार्टी बनाई थी और 2025 में उन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ने की भी घोषणा की थी. हालांकि अपनी पार्टी बनाने के एक साल बाद ही आरसीपी ने अपनी पार्टी का विलय प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में कर दिया था.जेडीयू के सूत्रों की माने तो आरसीपी सिंह अब जल्द हीं जनता दल यूनाइटेड में अपनी वापसी कर सकते हैं.मीडिया से खास बातचीत में आरसीपी सिंह के घर वापसी की खबर के बारे में इशारे इशारे में स्वीकार भी किया. आरसीपी ने इस बात को कहा कि वह और नीतीश कुमार हमेशा एक दूसरे का सम्मान करते रहे हैं।अब कहा जा रहा है कि ललन सिंग,संजय झा जैसे बड़े नेताओं की कद भी घटेगी क्योंकि RCP सिंह के आने के बाद कई नेताओं का मानना है कि पार्टी में वह फिर से सबसे बड़े नेता के तौर पर रहेंगे।और पार्टी में शामिल होते हीं उन्हें कोई बड़े पद पर बैठा दिया जाएगा।

Comments
Sharing Is Caring:

Related post