अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुर्खियों में आया पाकिस्तान,भारत ने उठाया सवाल तो भाग खड़े हुए पीएम शरीफ
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उस समय चर्चा में आ गए, जब उन्होंने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मीडिया के सवालों पर उनकी चुप्पी ने एक बार फिर पाकिस्तान और आतंकवाद के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया. इसी बीच भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र मंच से पाकिस्तान पर आतंकवाद और आर्थिक कुप्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला.पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में भाग लेने के लिए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचे थे. इस दौरान पत्रकारों ने उनसे सवाल किया, ‘प्रधानमंत्री, आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?’ हालांकि शहबाज शरीफ ने इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और आगे बढ़ गए.बाद में जब शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से बाहर निकल रहे थे, तब उनसे एक और सवाल पूछा गया. पत्रकारों ने पूछा, ‘आप लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमा कब चलाएंगे?’

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस प्रश्न का भी कोई जवाब नहीं दिया और बिना प्रतिक्रिया दिए वहां से चले गए.हाफिज मोहम्मद सईद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी है और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक माना जाता है. भारत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत उसे नामित आतंकवादी घोषित किया गया है. 26/11 मुंबई आतंकी हमले मामले में भी वह वांछित आरोपियों में शामिल है.राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में आरोप लगाया है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के संचालकों की भूमिका थी. एनआईए की पूरक चार्जशीट में हाफिज मोहम्मद सईद को आरोपी नंबर-8 के रूप में नामजद किया गया है. एजेंसी का आरोप है कि हमले की व्यापक साजिश में उसकी भूमिका रही.एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की थी. शहबाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र दौरे के दौरान भारत ने भी पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा. भारत की ओर से जवाब देने के अधिकार (Right of Reply) का उपयोग करते हुए भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे दूसरे देशों की जमीन पर नजर रखने या सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान अपने लोगों की बेहतर सेवा विकास पर ध्यान देकर कर सकता है, न कि दूसरों की जमीन पर दावा करने या आतंकवाद को निर्यात करने से. इनमें से कोई भी चीज और परिषद में किया जाने वाला उसका दिखावा उसकी अर्थव्यवस्था पर चढ़े कर्ज को नहीं चुका सकता.’क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और अन्य क्षेत्रों की स्थिति का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जून से अब तक वहां कई नागरिक मारे गए हैं, छात्रों को इस्लामाबाद और रावलपिंडी में गिरफ्तार किया गया है और भोजन, ईंधन तथा दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित की गई है. उन्होंने कहा, ‘पिछले शुक्रवार इस परिषद को पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में मारे गए नागरिकों, गिरफ्तार छात्रों और रोकी गई खाद्य एवं चिकित्सा आपूर्ति की जानकारी दी गई थी. पाकिस्तान की ओर से इसका जवाब केवल प्रक्रिया संबंधी आपत्ति था. यदि इस परिषद की समीक्षा के सभी मानकों पर कोई देश खरा उतरता है, तो वह पाकिस्तान है.’UNGA के दौरान हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े सवालों पर शहबाज शरीफ की चुप्पी ने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है. वहीं भारत ने संयुक्त राष्ट्र मंच का उपयोग करते हुए आतंकवाद, आर्थिक संकट और मानवाधिकार मुद्दों पर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की. आने वाले दिनों में यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बना रह सकता है.
