यूपी से कर्नाटक तक विपक्ष ने दी बीजेपी को कड़ी टक्कर,MLC चुनाव में जानें किसे मिली जीत?
ईवीएम पर सवाल उठाने वाले विपक्षी दलों के लिए बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजे और रुझान एक बड़ा सियासी संदेश लेकर आए हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की कुल 28 स्नातक और शिक्षक एमएलसी सीटों पर हुई मतगणना में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों यानी एनडीए ने जबरदस्त दबदबा कायम रखा है . हालांकि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और महाराष्ट्र में शरद पवार गुट ने कई मजबूत किलों में सेंध लगाकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है, जिससे विपक्ष को कुछ राज्यों में संजीवनी मिलती दिख रही है. इसके अलावा कर्नाटक में कांग्रेस को झटका लगा और NDA गठबंधन का पलड़ा भारी दिख रहा है. इन चुनावों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मतदान ईवीएम से नहीं बल्कि बैलेट पेपर से हुआ. यही वजह है कि नतीजों के बाद राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से संदेश निकाल रहे हैं. समाजवादी पार्टी का दावा है कि बैलेट पेपर में मतदाताओं की वास्तविक पसंद सामने आई है, जबकि भाजपा इसे शिक्षित और जागरूक मतदाताओं के बीच अपने प्रभाव का प्रमाण बता रही है.

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए सामने आए नतीजों और रुझानों में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. अब तक की बड़ी तस्वीर देखें तो 11 सीटों में से बीजेपी 4 सीटें जीत चुकी है और 2 सीटों पर आगे चल रही है. बीजेपी ने लखनऊ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, मेरठ स्नातक और मेरठ शिक्षक सीट पर अपना परचम लहरा दिया है.यूपी के इन चुनावों में बड़ा उलटफेर राजधानी लखनऊ की स्नातक सीट पर होता दिख रहा है. पिछली बार यह सीट बीजेपी के खाते में थी, लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कांति सिंह करीब 7500 वोटों की मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं. इन नतीजों से उत्साहित सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा है कि पिछली बार जहां बीजेपी के उम्मीदवार हजारों वोटों के बड़े मार्जिन से जीत रहे थे, वहीं इस बार सपा ने बराबर की टक्कर दी है और जहां बीजेपी जीत भी रही है वहां अंतर सिर्फ कुछ हजार वोटों का है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बैलेट पेपर से वोट पड़े हैं तो चीजें व्यवस्थित दिखाई दे रही हैं और सत्ता पक्ष वोट देने के समय गड़बड़ नहीं कर पाया. उदयवीर सिंह ने दावा किया कि यह जनता का चुनाव है और एमएलसी के नतीजे साफ इशारा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी विधानसभा चुनाव में अपने करियर की सबसे बड़ी हार देखने जा रहे हैं. बिहार की 8 एमएलसी सीटों पर हुए चुनाव में भी एनडीए का पलड़ा भारी नजर आ रहा है . सबसे ज्यादा चर्चा में रही पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार ने जीत का दावा कर दिया है, इस सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन कर रहे बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने अपनी हार कबूल कर ली है और खुद कहा है कि नीरज चुनाव जीत गए हैं . वहीं तिरहुत शिक्षक सीट पर बीजेपी के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज कर ली है, जबकि कोसी स्नातक सीट पर बीजेपी के डॉ. एनके यादव बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं . हालांकि पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी और दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय ने बढ़त बनाकर एनडीए को चुनौती दी है, जबकि सारण शिक्षक सीट पर बीजेपी के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने बाजी मार ली है .महाराष्ट्र की 5 विधान परिषद सीटों पर सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच बराबर की टक्कर दिख रही है . नागपुर स्नातक सीट पर दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती चल रही है, जहां बीजेपी के सुधाकर कोहले कांग्रेस के अभिजीत वंजारी से 4,294 वोटों से आगे चल रहे हैं. पुणे शिक्षक सीट पर भी बीजेपी के कौस्तुभ गावडे आगे हैं, जहां शिंदे गुट समर्थित बागी सचिन सानप भी मैदान में हैं. अमरावती शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के किरण सरनाईक 8,575 वोट पाकर कांग्रेस की अदिति पोहरे (4,786 वोट) और श्रीकांत देशपांडे (4,921 वोट) से काफी आगे निकल गए हैं. वहीं विपक्ष के लिए अच्छी खबर पुणे और छत्रपति संभाजीनगर से आई है. पुणे स्नातक सीट पर शरद पवार गुट की हर्षदा देशमुख-जाधव ने 1,12,400 वोट हासिल कर लिए हैं और वह जीत के लिए जरूरी 1,13,113 वोटों के कोटे से महज 713 वोट दूर हैं. इसी तरह छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर भी शरद पवार की एनसीपी के प्रतापसिंह पाटिल बढ़त बनाए हुए हैं .दक्षिण के राज्य कर्नाटक से बीजेपी और एनडीए के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहां राज्य की सत्ता पर काबिज कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. कर्नाटक की 4 एमएलसी सीटों पर बीजेपी और जेडीएस ने मिलकर चुनाव लड़ा और चारों सीटों पर अपना दबदबा कायम कर लिया है . बेंगलुरु शिक्षक सीट पर बीजेपी-जेडीएस गठबंधन के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व एमएलसी पुत्तन्ना को 908 वोटों से हराकर सीट छीन ली है, जहां रंगनाथ को 10,810 और पुत्तन्ना को 9,902 वोट मिले . इसके अलावा पश्चिम स्नातक सीट पर बीजेपी के एसवी संकानूर, उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर बीजेपी के शशिल जी नामोशी और दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर बीजेपी के केएम सुरेश मजबूत बढ़त के साथ जीत की ओर बढ़ रहे हैं . कुल मिलाकर बैलेट पेपर से पढ़े-लिखे मतदाताओं यानी स्नातकों और शिक्षकों के बीच हुए इस चुनाव ने साफ कर दिया है कि जमीनी स्तर पर बीजेपी और एनडीए की पकड़ अब भी बेहद मजबूत है, हालांकि यूपी और महाराष्ट्र में विपक्ष की वापसी ने आगे की लड़ाई को रोमांचक बना दिया है
