अजीत पवार प्लेन क्रैश मामले में हुआ बड़ा खुलासा,कई बड़े लोगों का नाम है शामिल!
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने अब पूर्व डिप्टी सीएम और अपने चाचा अजीत पवार की प्लेन क्रैश में हुई मौत के मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है. साथ ही केंद्रीय उड्डयन मंत्री और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद किंजरापु राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग की.पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर की मौत के पीछे साजिश की बात दोहराते हुए, उन्होंने आरोप लगाया है कि टीडीपा का वीएसआर से लिंक है, जिसके प्लेन क्रैश में पवार की मौत हो गई थी. यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवार ने कहा कि, सरकारी एजेंसियां जो जांच कर रही हैं, उससे महाराष्ट्र के लोगों के मन में बहुत सारे सवाल हैं. हम जितनी गहराई में जा रहे हैं, हमें और जानकारी मिल रही हैं.”उन्होंने टीडीपी का जिक्र करते हुए कहा, “इस वीएसआर नाम की कंपनी को बड़े असरदार लोगों का सपोर्ट है. इनमें से कई लोग सरकार से हैं। एक राज्य में वे सरकार में हैं. वे उस पार्टी से हैं जो केंद्र में मुख्य पार्टी (BJP) को सपोर्ट कर रही है. इसके अलावा, कई बिजनेसमैन जिनका पॉलिटिकल खानदान है, वे भी VSR कंपनी में शामिल हैं.”घटना के पीछे साजिश के अपने दावे पर अड़े हुए रोहित पवार ने कहा, “अगर हम साजिश की बात करें, तो दो तरह की साजिश हो सकती है. एक पॉलिटिकल और दूसरी कमर्शियल. हम सही वजह जानने की कोशिश कर रहे हैं. VSR कंपनी जो जिम्मेदार है, अगर कोई उसे सपोर्ट कर रहा है और बचा रहा है, तो यह भी एक साजिश हो सकती है.”रोहित पवार ने कहा, “इस कंपनी के पीछे ताकतवर लोग हैं।

DGCA के बड़े अधिकारी इसमें शामिल हैं. अगर अजित दादा को इंसाफ दिलाना है, तो सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री ही उन्हें इंसाफ दिला सकते हैं, क्योंकि इसमें शामिल लोग भी ताकतवर हैं.” उन्होंने पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह से इस मामले की जांच को देखने का आग्रह किया. पवार ने यह भी बताया कि वह इस बारे में प्रधानमंत्री को ईमेल करेंगे.रोहित पवार का कहना है कि, चंद्रबाबू नायडू के परिवार के सदस्य इस कंपनी को फंड कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि, अगर TDP की VSR से नजदीकी है, तो जांच ठीक से कैसे हो सकती है. ऐसे में उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के इस्तीफे की मांग की. उन्होंने आगे कहा जब तक जांच चल रही है, राम मोहन नायडू को पद पर बने रहना सही नहीं है.उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता से भी इस मामले को देखने की अपील की. इस महीने की शुरुआत में यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था, “VSR प्लेन का रखरखाव बहुत खराब तरीके से करती है और इसी वजह से अजीत दादा का प्लेन एक्सीडेंट हुआ. साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि, चाहे कोई इमरजेंसी हो, VSR प्लेन का इस्तेमाल न करें. उन्होंने इस घटना पर कई सवाल भी उठाए थे और पवार के लिए इंसाफ मांगा था।अजित 28 जनवरी को निजी विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे। उनके साथ निजी सुरक्षा अधिकारी और पायलट समेत 4 और लोग थे।
विमान ने मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी और बारामती में 8:30 पर लैंडिंग का पहला प्रयास किया। तब पायलट ने दृश्यता कम होने के चलते दोबारा उड़ान भर ली। 8:43 पर दोबारा लैंडिंग की अनुमति मिलने के एक मिनट बाद अजित का विमान क्रैश हो गया और सवार सभी लोग मारे गए।अजित पवार के निधन के कुछ ही दिनों बाद, 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। अब रोहित पवार द्वारा इस हादसे को साजिश बताए जाने और सीधे केंद्र सरकार के मंत्री का इस्तीफा मांगे जाने से राज्य और केंद्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। रोहित पवार ने जोर देकर कहा है कि जब तक मंत्री पद नहीं छोड़ेंगे, तब तक यह पता नहीं चल पाएगा कि वास्तव में क्या मैनिपुलेशन हुआ है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
