रूस और अमेरिका में बढ़ेगी दोस्ती?यूक्रेन युद्ध पर बड़ा अपडेट!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस के साथ बड़े कारोबारी समझौते करने की तैयारी कर रहे हैं. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और रूस के बीच तेल कारोबार फिर शुरू करने को लेकर बातचीत चल रही है. इसमें अमेरिकी कंपनियों की रूस की ऑयल इंडस्ट्री में वापसी और यूरोप को फिर से रूसी तेल बेचने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. दूसरे उद्योगों में भी दोनों देश साथ काम कर सकते हैं. हालांकि, ये समझौते युद्ध खत्म होने के बाद ही लागू होंगे.यूक्रेन युद्ध अब पांचवें साल में पहुंच गया है. ट्रंप इन समझौतों के जरिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शांति समझौते के लिए तैयार करना चाहते हैं.

लेकिन रूस के साथ अमेरिका के कारोबारी रिश्ते बढ़ने से यूक्रेन नाराज हो सकता है. इसकी एक वजह यूक्रेन के रूसी तेल और ऊर्जा ठिकानों पर लगातार ड्रोन हमले हैं.रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और रूस के बीच दो बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई है. पहला, रूस के सुदूर पूर्व में सखालिन के पास समुद्र में चल रही साझा तेल परियोजना को दोबारा शुरू करना. दूसरा, द्रुजबा पाइपलाइन के जरिए यूरोप को फिर से रूसी तेल भेजना.ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने सितंबर की शुरुआत में पुतिन से मुलाकात के दौरान इन समझौतों पर बात की थी. विटकॉफ पहले रियल एस्टेट कारोबारी थे. अमेरिका में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, दोनों दलों के नेताओं ने उनकी आलोचना की है. उनका आरोप है कि विटकॉफ पुतिन के प्रति जरूरत से ज्यादा नरम रुख रखते हैं.अमेरिका को उम्मीद है कि अगले महीने अबू धाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच शांति वार्ता होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के बाद यह तीनों देशों की पहली ऐसी बैठक होगी. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कारोबारी समझौते शांति योजना का हिस्सा होंगे और युद्ध खत्म होने के बाद ही लागू किए जाएंगे.सखालिन तेल परियोजना में शामिल इकलौती अमेरिकी कंपनी एक्सॉनमोबिल ने पिछले साल कहा था कि उसकी रूस में दोबारा काम शुरू करने की योजना नहीं है. अब तक यह साफ नहीं है कि कंपनी ने अपना फैसला बदला है या नहीं.तेल के अलावा, अमेरिका और रूस के बीच टाइटेनियम बनाने में भी सहयोग की बात चल रही है. इस धातु का इस्तेमाल विमान बनाने में होता है. अमेरिकी एयरलाइंस को रूसी हवाई क्षेत्र से फिर उड़ान भरने की अनुमति देने पर भी चर्चा हुई है. इससे कुछ हवाई मार्गों पर ईंधन का खर्च कम हो सकता है.2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद रूस अमेरिका से कारोबारी रिश्ते बढ़ाना चाहता है. इसी महीने ट्रंप ने रूस से हजारों बैरल डीजल खरीदने के समझौते को मंजूरी दी. इससे यूक्रेन और यूरोपीय सहयोगी नाराज हुए. अमेरिका ने रूस के ऊर्जा निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने की योजना भी रोक रखी है और यूक्रेन पर रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद करने का दबाव बढ़ाया है.यूक्रेन ने रूस पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले रोकने से इनकार किया है. इस बीच अमेरिका की ओर से यूक्रेन को खुफिया जानकारी देने में रुकावट और स्टारलिंक सेवा तक उसकी पहुंच को लेकर भी चिंताएं हैं. इससे ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के रिश्ते और खराब हुए हैं.दूसरी ओर, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर ने मंगलवार को पुतिन से 90 मिनट फोन पर बात की. दोनों नेताओं ने युद्ध रोकने, तनाव कम करने और यूक्रेन का समर्थन करने की बात कही. वहीं, क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन ने युद्ध लंबा चलने के लिए यूक्रेन के सहयोगी देशों की टकराव वाली नीतियों को जिम्मेदार ठहराया.
