हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज की हिफाजत करेंगे,सरकार पर खूब गरजे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर सरकार और आरएसएस पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मैं इनके खिलाफ एक दशक से भी ज्यादा समय से लड़ रहा हूं. मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है. मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं. उन्होंने कहा कि इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान कायरता है. राहुल ने पीएम मोदी से लेकर अमित शाह, मोहन भागवत, सीईसी ज्ञानेश कुमार और NSA अजीत डोभाल पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि ये लोग अब धीरे-धीरे घिरते जा रहे हैं, इनके चारों तरफ से दायरा सिमट रहा है.राहुल ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा, ‘जो करना है, कर लीजिए. जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए- 10 हजार, 20 हजार, 50 हजार, जितनी चाहें बुला लीजिए. सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लीजिए. सारे युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए. हम सबको गिरफ्तार कर लीजिए, लेकिन घबराइये मत, हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं. मेरी बात याद रखिए, हमें जो जानकारी चाहिए, वह हमारे पास पहले से है’.उन्होंने कहा कि हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे.

हम हिंदुस्तान की जनता की आवाज की हिफाजत करेंगे और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पिछले 10-15 सालों में हिंदुस्तान के साथ जो हुआ है, वह दोबारा कभी, किसी भी सूरत में न हो. हिंदुस्तान के युवाओं, मुझे आप पर गर्व है. अपना विरोध जारी रखिए. हम आपके साथ खड़े हैं. राहुल ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस सरकार और हमारे संविधान पर हमला करने वालों को शिकस्त मिले।वहीं, प्रियंका गांधी ने भी हिरासत में लिए जाने को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले तो वो 254 सांसदों के साथ बदसलूकी करते हैं और उन्हें पूरी तरह से गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में ले लेते हैं, जिससे उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, विपक्ष की पार्टियों के दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ भी वो ऐसा ही करते हैं. फिर वो राष्ट्रीय राजधानी की घेराबंदी करते हैं, चारों तरफ बैरिकेड लगाकर और सील करके ट्रेन और मेट्रो रोक देते हैं, इंटरनेट बंद कर देते हैं और हर जगह चेक पोस्ट बना देते हैं. वो विरोध करने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे युवा पुरुषों और महिलाओं की पिटाई करते हैं और उन्हें हिरासत में ले लेते हैं.प्रियंका ने आगे कहा,अगर यह इस बात का सबूत नहीं है कि उन्होंने चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में धांधली की है और उन्हें इस बात का डर है कि उनकी सरकार की गैर-कानूनी सच्चाई सामने आ रही है और उनसे जवाबदेही मांगी जा रही है, तो फिर क्या है? भारत अब लोकतंत्र नहीं रहा. यह मिस्टर नरेंद्र मोदी और मिस्टर अमित शाह द्वारा चलाई जा रही तानाशाही है. जो कोई भी लोकतंत्र को खत्म करने के लिए उनके साथ मिला हुआ है,वह देश के साथ गद्दारी कर रहा है।वहीं दूसरी तरफ बीते दिन राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने दिल्ली प्रोटेस्ट पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना की. अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आंदोलन से घबराकर ट्रेनें रद्द और करीब 57 मेट्रो सेवाएं बंद करने की नौबत क्यों आई? गहलोत ने सवाल किया कि ट्रेनें और मेट्रो सेवाएं कब तक बंद रखेंगे, यात्रियों को हो रही परेशानी का सरकार को जवाब देना होगा.भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के सख्ती से निपटेंगे बयान पर अशोक गहलोत ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विपक्ष को धमकाने की भाषा लोकतंत्र में उचित नहीं है. गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी अध्यक्ष सरकार के इशारे के बिना ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि विपक्ष पर विदेशी ताकतों और अराजकता फैलाने के आरोप लगाना गलत है.गहलोत ने नितिन नवीन से पूछा कि किसके इशारे पर ऐसी चेतावनी दी गई ? गहलोत ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है. लोकतंत्र में सरकार राजनीतिक मुकाबला करें. युवाओं के संघर्ष को कुचलने की कोशिश न करें. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है. केंद्र सरकार जवाब दे।
