हम सब एकजुट रहेंगे,मिलकर लड़ेंगे तो जरूर सफल होंगे-राहुल गांधी ने विपक्ष के नेताओं से की आग्रह
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत कई मुद्दों को लेकर बुधवार को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक हुई, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए. इस दौरान राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के नेताओं से कहा कि वो भारतीय संविधान के ‘सामूहिक रक्षक’ हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को दंडित करना उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है.राहुल गांधी ने ये बात इंडिया ब्लॉक के नेताओं की साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने आगे कहा, ‘भारत गठबंधन की बैठक में बहुत अच्छी चर्चा हुई और मुख्य मुद्दा वोट चोरी था. सभी दलों का मत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है’.कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि हम चुप नहीं बैठेंगे. यह इंडिया ब्लॉक के सभी नेताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को दंडित किया जाए. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वो कितने वरिष्ठ हैं, कौन हैं.

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र इस देश के हर एक व्यक्ति से बड़ा है.पीएम मोदी इस वक्त इतने सालों में सबसे कमजोर सियासी पिच पर हैं, इस मौके को हमें चूकना नहीं चाहिए. हमें एकजुट होकर सियासी हमला करते रहना चाहिए.सत्ता पर सरकार की पकड़ कमजोर हुई है.चुनाव आयोग के साथ ही अब ईडी, सीबीआई के अधिकारी मुझे अंदर की जानकारियां दे रहे हैं और अंदर के गड़बड़झाले की डिटेल दे रहे हैं.आप लोग भी सीएम रहे हैं,आपको भी जानकारियां मिल रही होंगी. उसे इकट्ठा कीजिए, मिलकर साझा कीजिए, फिर मिलकर सरकार को घेरेंगे.राहुल ने ममता से मुखातिब होते हुए कहा कि वोट चोरी, ईवीएम में घालमेल का मैं आपको एक ताजा उदाहरण देता हूं, बंगाल में ईवीएम आखिर क्यों जलीं?हम सब एकजुट रहेंगे, मिलकर लड़ेंगे तो जरूर सफल होंगे. फिर 15 साल बाद देश इस कमरे में बैठे हर व्यक्ति को लोकतंत्र के रक्षक के रूप में याद करेगा.कुछ राज्यों में सियासी मजबूरियों के चलते हम मिलकर विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, जैसे केरलम, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे और राज्य में आपस में खटास न हो, ऐसी बयानबाजी से बचेंगे.प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरगे ने कहा कि पार्टियों ने फैसला किया है कि युवाओं और गैर सरकारी संगठनों को शामिल करते हुए 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाले जाएंगे और जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय के सामने प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांगेंगे और अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ‘वोट चोरी सरकार’ के खिलाफ अपना ज्ञापन पेश करेंगे।
