इंसाफ का वादा करके खामोश हो गए प्रशांत किशोर,भरत तिवारी के परिवार का आरोप निकला सही!

 इंसाफ का वादा करके खामोश हो गए प्रशांत किशोर,भरत तिवारी के परिवार का आरोप निकला सही!
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भोजपुर के भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में एक बार फिर सियासत गरमा गई है. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच भरत तिवारी के परिजनों ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं की गई. इतना ही नहीं, परिजन ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव प्रचार में शामिल होने के लिए भी कहा गया. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा सांसद मनोज तिवारी से मुलाकात के बाद परिवार ने राज्य सरकार पर भरोसा जताते हुए न्याय मिलने की उम्मीद व्यक्त की है.भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने बताया कि घटना के कुछ दिनों बाद उनकी ननद को प्रशांत किशोर के आवास पर बुलाया गया था. वहां परिवार को भरोसा दिलाया गया कि 15 दिनों के भीतर मामले में कार्रवाई होगी. यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन और घेराव किया जाएगा.

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लेकिन, उनके अनुसार, तय समय गुजर जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया.सुमन देवी ने आरोप लगाया कि बाद में कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन न तो फोन उठाया गया और न ही किसी तरह की मदद मिली. उन्होंने कहा कि केवल बड़े-बड़े वादे करने से न्याय नहीं मिलता, बल्कि उसके लिए जमीन पर काम करना पड़ता है. परिवार को उम्मीद थी कि जिस तरह का भरोसा दिया गया था, उसी तरह कार्रवाई भी होगी, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव के दौरान उन्हें प्रचार में शामिल होने के लिए कहा गया. सुमन देवी के अनुसार, उनसे कहा गया कि वे प्रचार में साथ चलें, तब आगे की लड़ाई लड़ी जाएगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका परिवार किसी भी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनना चाहता. उनका उद्देश्य केवल भरत तिवारी को न्याय दिलाना है, राजनीति करना नहीं.सुमन देवी ने कहा कि उनके देवर अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन जिन समस्याओं को लेकर वे संघर्ष कर रहे थे, वे आज भी जस की तस बनी हुई हैं. उन्होंने बताया कि गांव में सड़क, जलजमाव और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं बरकरार हैं. उनका कहना था कि भरत इन्हीं मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे थे और यदि उनकी मौत के बाद भी हालात नहीं बदलते हैं तो यह बेहद दुखद है.परिजनों ने हाल ही में भाजपा सांसद मनोज तिवारी से भी मुलाकात की. सुमन देवी के मुताबिक, उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी विस्तार से दी. उनका कहना है कि मनोज तिवारी ने स्वीकार किया कि उन्हें मामले की पूरी जानकारी पहले नहीं थी और प्रशासन की ओर से उन्हें अधूरी सूचना मिली थी. परिवार ने अपनी बात विस्तार से रखने के बाद उनसे निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की.इस मुलाकात के बाद भाजपा की ओर से वीडियो भी सार्वजनिक किया गया, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई. हालांकि परिवार लगातार यह दोहराता रहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है. वे केवल चाहते हैं कि भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच हो, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार को न्याय मिले.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद परिवार ने सरकार पर भरोसा जताया है. सुमन देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है और 48 घंटे का समय मांगा गया है. उनका कहना है कि अब तक 24 घंटे पूरे हो चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि तय समय के भीतर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामला पहले से ही बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है. विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. अब परिजनों द्वारा लगाए गए नए आरोपों ने इस पूरे प्रकरण को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है।

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