कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी,जानें भारत में क्या है पेट्रोल और डीजल के दाम?
सोमवार को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. इसके तीन बड़े कारण देखने को मिले. पहला सबसे बड़ा कारण, ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट का बंद करना, दूसरा, होमुर्ज स्ट्रेट से शिपिंग का धीमा होना और तीसरा बड़ा कारण अंतरिम शांति समझौते के तहत अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों की पहली बैठक की शुरुआत का मुश्किल भरा होना रहा. यही कारण है कि कच्व्चे तेल की कीमतों में करीब 3 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली. खाड़ी देशों का कच्चा तेल जहां 82 डॉलर प्रति बैरल के पार जाता हुआ दिखाई दिया. वहीं अमेहरकीक्रूड के दाम 78 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया. जिसकी वजह से भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफे का खतरा बन गया है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश के चारों महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम कितने हो गए हैं…सोमवार को ट्रेडिंग की शुरुआत में $82.30 के उच्चतम स्तर को छूने के बाद, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 54 सेंट या 0.67 फीसदी बढ़कर $81.11 प्रति बैरल हो गया. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 78.62 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो सोमवार को बाद में कॉन्ट्रैक्ट की समाप्ति से पहले $2.02 या 2.64% ऊपर था. अधिक सक्रिय अगस्त कॉन्ट्रैक्ट 1.43 डॉलर बढ़कर 77.28 डॉलर प्रति बैरल हो गया. शुक्रवार को छुट्टी के कारण अमेरिकी बाजार में कोई सेटलमेंट नहीं हुआ. शिपिंग डेटा से पता चला है कि रविवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई. ऐसा तब हुआ जब ईरान ने घोषणा की कि उसने अंतरिम शांति समझौते के इजरायली और अमेरिकी उल्लंघनों का हवाला देते हुए जलमार्ग को फिर से बंद कर दिया है.एमएसटी मार्की के एनर्जी रिसर्च प्रमुख सॉल कैवोनिक ने रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा कि स्ट्रेट के खुलने के बारे में बाजार की उम्मीद जल्दबाजी भरी थी. उन्होंने कहा कि ईरान के स्ट्रेट से आवाजाही को रोकने के लिए बहाने ढूंढते रहने की संभावना है, क्योंकि यह उनके लिए दबाव बनाने का एकमात्र जरिया है जिसे वे शायद ही छोड़ना चाहेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले फिर से शुरू करने की धमकी दी, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को अंतरिम शांति समझौते के तहत पहली बातचीत के लिए ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की. वहीं, तेहरान ने कहा कि अमेरिका लेबनान में लड़ाई रोकने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहा है. लेबनान की सरकारी समाचारएजेंसी NNA ने कहा कि शनिवार को लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम 20 लोग मारे गए.

यह घटना हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम लागू होने के एक दिन बाद हुई, जिसका मकसद महीनों से बढ़ रही हिंसा को रोकना था.IG मार्केट एनालिस्ट टोनी सिकामोर ने एक नोट में कहा कि लेबनान में स्थिति युद्धविराम और स्ट्रेट के फिर से खुलने, दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है. फिर भी, पिछले हफ़्ते तेल की कीमतों में 8 फीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई. इसकी वजह थी खाड़ी में फंसे कार्गो के निकलने और अमेरिका-ईरान डील के तहत ईरानी तेल पर अमेरिकी के प्रतिबंध हटने की संभावना से सप्लाई बढ़ने की उम्मीद. नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के प्रमुख हामिद बोवार्ड ने रविवार को सरकारी टीवी को बताया कि सोमवार से अब तक 25 मिलियन बैरल से ज़्यादा ईरानी तेल उस वर्चुअल नाकेबंदी वाली लाइन से गुजर चुका है. संयुक्त अरबअमीरात, कुवैत और इराक ने पिछले हफ़्ते ग्राहकों को और ज़्यादा तेल देने की पेशकश की है. इराक के अपस्ट्रीम मामलों के डिप्टी ऑयल मिनिस्टर ने रविवार को एक बयान में कहा कि इराक कच्चे तेल के प्रोडक्शन को धीरे-धीरे बढ़ाकर 4.2 मिलियन से 4.3 मिलियन बैरल प्रति दिन करने की योजना बना रहा है.अब सबसे बड़ा ये हो गया है कि क्या टेंशन बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होने से भारत में एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा होगा. जानकारों की मानें तो अभी ऐसा मुश्किल लग रहा है. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें 80 और 81 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही है. जब तक दाम 95 या 100 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाते तब तक ऐसा होना मुश्किल लग रहा है. एक्सपर्ट के अनुसार होर्मुज और ईरान-अमेरिका डील पर बातचीत होने के दौरान आने वाले दिनों में ऐसा कई बार देखने को मिल सकता है. ईरान के लिए अमेरिका पर प्रेशर बनाने का होर्मुज एक मात्र तरीका है. जब तक ईरान पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो जाएगा. तब तक होर्मुज पर अपनी पकड़ को बिल्कुल भी ढीली नहीं छोड़ेगा.वैसे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर फ्रिज बटन दबा हुआ है. इसका मतलब है कि 25 मई के बाद से फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. जिसकी वजह से दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: 102.12 रुपए 95.20 रुपए प्रति लीटर हैं. जबकि कोलकाता में पेट्रोल के दाम 113.51 रुपए और डीजल की कीमत 99.82 रुपए प्रति लीटर है. जबकि मुंबई में पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमश: 111.21 रुपए और 97.83 रुपए प्रति लीटर देखने को मिल रहे हैं. जबकि चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.77 रुपए और डीजल 99.55 रुपए प्रति लीटर पर आ गए हैं. वैसे मई के महीने में फ्यूल की कीमतों में 7 से 8 फीसदी का इजाफा देखने को मिला था.
