डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बिगड़ गई बात,ईरान अब नहीं मानेगा समझौता?

 डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बिगड़ गई बात,ईरान अब नहीं मानेगा समझौता?
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स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई शांति वार्ता का पहला दौर बीच में रोक दिया गया. हालांकि ईरान ने कहा कि बातचीत खत्म नहीं हुई है, बल्कि सिर्फ कुछ समय के लिए रोकी गई है. यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान पर ईरानी डेलिगेशन नाराज होकर कुछ देर के लिए बैठक छोड़कर बाहर चला गया.इस वार्ता में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हुए, जबकि ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची मौजूद थे. यह बातचीत उस अंतरिम समझौते के बाद हो रही है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को साइन किए थे. बैठक शुरू होने से पहले गालिबाफ ने कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की. पाकिस्तान इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.ईरान ने वार्ता से पहले साफ कहा कि बातचीत में आगे बढ़ने के लिए अमेरिका को पहले समझौते की शर्तों का पालन करना होगा. ईरान का कहना है कि अमेरिका अभी तक लेबनान में इजराइली हमलों को नहीं रुकवा पाया है.

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ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते की पहली शर्त, यानी सभी मोर्चों पर युद्धविराम लागू कराने की जिम्मेदारी पूरी नहीं की.करीब 80 मिनट चली पहली बैठक में लेबनान युद्ध, ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों को वापस दिलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. ईरान ने दावा किया कि उसके तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में छूट देने का एक मसौदा तैयार हो गया है. वहीं कतर की मदद से ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत हुई.तनाव तब बढ़ा जब ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान लेबनान में अपने समर्थक समूहों की गतिविधियां रोके, नहीं तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर तुम होर्मुज बंद करोगे, तो तुम्हारा देश नहीं बचेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी अधिकारी अपने देश वापस भी नहीं पहुंच पाएंगे. इसके विरोध में ईरानी डेलिगेशन कुछ समय के लिए बैठक से बाहर चला गया. बाद में गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए और ईरान की सेना किसी भी जवाब के लिए तैयार है.हालांकि जेडी वेंस ने कहा कि ऐसी कठिन बातचीत में मतभेद होना सामान्य बात है और बातचीत आगे बढ़ रही है. इस विवाद के कारण दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित जॉइंट फोटो और हैंडशेक कार्यक्रम भी रद्द हो गया. उधर लेबनान में हालात कुछ शांत रहे, लेकिन इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि दक्षिणी लेबनान में बनाई गई सुरक्षा पट्टी को इजराइल फिलहाल हटाने वाला नहीं है.

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