पवन सिंह का अब पूरा फायदा उठाएगी भाजपा,राजपूतों को एकजुट कराने के लिए बना दिया MLC?
भाजपा ने बिहार से भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह को एमएलसी का उम्मीदवार बनाया है. उनके साथ ही पार्टी ने संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को कैंडिडेट बनाया है. इन चारों नामों में एक जिस एक नाम की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, वह नाम पावर स्टार पवन सिंह का है.कहा जा रहा है कि पवन सिंह की लोकप्रियता और समाज के विभिन्न वर्गों में मजबूत पहचान को देखते हुए बीजेपी ने यह फैसला लिया है. सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूर्वांचल में भी उनके प्रशंसकों की लंबी फेहरिस्त है।पवन सिंह ने पहली बार भोजपुरी गीत को देश के सरहद के बाहर भी पहुंचाया है. लॉलीपॉप लागेलू.. गीत ग्लोबल हिट हुआ. यहां तक की हिंदी फिल्मों से लेकर कई वेब सीरीज में इस गाने को लिया गया था. इसके अलावा पवन सिंह ने हिंदी फिल्मों में और साउथ की फिल्मों में भी गाने गाये हैं. जो काफी हिट रहे हैं.पवन सिंह को बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2024 में पश्चिम बंगाल के आसनसोल से टिकट दिया था. लेकिन भोजपुरी में बंगाली गीतों को लेकर अश्लीलता परोसने के नाम पर पवन सिंह ट्रोल हो गए. इसके बाद भोजपुरी कलाकार पवन ने टिकट वापस कर दिया.हालांकि पवन सिंह ने उसी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारी रोहतास के काराकाट से की थी. उन्होंने अपने निकट प्रतिद्वंदी उपेंद्र कुशवाहा को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह चुनाव हार गए. कहा यह भी जाता है कि भाजपा ने पवन सिंह को बिहार से चुनाव ना लड़ा कर शाहाबाद की सभी सीटों को गंवा दिया.हालांकि इसके बावजूद भी पवन सिंह बीजेपी के साथ जुड़े रहे. अगले ही साल 2025 में जब बिहार विधानसभा का चुनाव हुआ तो, पवन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के लिए खूब प्रचार किया, खूब भीड़ इकट्ठा की और कई हवाई दौरे भी किये.माना जाता था आरा लोकसभा सीट से आरके सिंह के हार जाने के बाद 2029 में पवन सिंह को वहां से लोकसभा का उम्मीदवार बनाया जाएगा लेकिन, उससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने पवन सिंह को अपने फोल्डर में रखने के लिए एमएलसी का उम्मीदवार बना दिया है. जाहिर सी बात है अब अगले 6 साल तक पवन सिंह भारतीय जनता पार्टी के साथ रहेंगे ही रहेंगे. उसके बीच में 2029 में आरा लोकसभा का चुनाव यदि पवन सिंह लड़ते हैं तो कोई आश्चर्य की बात नहीं.पवन सिंह भोजपुर के जोकहरी गांव के रहने वाले हैं. बचपन से ही भोजपुरी गीत गाते रहे हैं. उनके चाचा इनके पहले गुरु बताए जाते हैं और अब तक इन्होंने अपनी शिक्षा की जानकारी कहीं साझा नहीं की है. तो इन्होंने कितने तक पढ़ाई की है यह यह किसी को जानकारी नहीं है. हालांकि यह भोजपुरी के पावर स्टार कहे जाते हैं.

शाहाबाद के आरा, बक्सर, सासाराम, काराकाट के साथ-साथ यूपी के पूर्वांचल में इनका अच्छा खासा फैन फ्लोइंग है और उनके कार्यक्रमों में लाखों की भीड़ उमड़ती है.पवन सिंह की पहली शादी नीलम सिंह से हुई थी. यह शादी दिसंबर 2014 में हुई थी, लेकिन मार्च 2015 में उन्होंने खुदकुशी कर ली. हालांकि अब तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि नीलम सिंह ने इतना बड़ा फैसला क्यों किया और उनके साथ पवन सिंह का क्या विवाद रहा था.भोजपुरी स्टार पवन सिंह का विवाद भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ भी हो चुका है. कहा यह जाता है कि दोनों के बीच में अफेयर था. दोनों जल्द ही शादी करने वाले थे. लेकिन किसी बात पर विवाद हुआ और दोनों अलग हो गए. फिर दोनों ही मीडिया में आकर एक दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप किया. हालांकि दोनों अलग हो चुके हैं अब एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते हैं.2018 में पवन सिंह ने दूसरी शादी की ज्योति सिंह से शादी हुई, लेकिन यह शादी भी बहुत दिनों तक नहीं चल सकी. हालांकि बीच में लोकसभा चुनाव के समय दोनों के बीच में सुलह जरूर हुआ था. लेकिन अभी तलाक का मामला आरा सिविल कोर्ट में चल रहा है. दोनों पति-पत्नी मीडिया में आकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते रहे हैं. फिलहाल दोनों अलग रहते हैं. हालांकि ज्योति सिंह अभी भी राजनीति में एक्टिव हैं. काराकाट से वह विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं, उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था.पवन सिंह का विवाद भोजपुरी कलाकार खेसारी लाल यादव के साथ भी खूब रहा है. मंच पर छींटाकशी के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं. अब एक दूसरे के साथ मंच साझा नही करते है और ना ही फ़िल्म करते है।प्रमोशनल इवेंट के दौरान पवन सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर को गलत तरीके से छूते हुए दिखे थे. इस घटना के बाद अंजलि काफी असहज हो गईं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताते हुए भोजपुरी इंडस्ट्री छोड़ने तक की बात कह दी थी. बाद में पवन सिंह ने इस पर माफी मांगी और अंजलि ने मामला आगे न बढ़ाने का फैसला किया.पवन सिंह के पीछे बीजेपी लगातार काम कर रही थी. पवन सिंह भोजपुरी के बड़े कलाकार तो हैं ही, साथ ही सामाजिक समीकरण भी उनके साथ है. शाहाबाद में एक बड़े राजपूत चेहरे के तौर पर पवन सिंह को भारतीय जनता पार्टी के साथ जोड़ा गया है. यह उस समय हुआ जब आरा लोकसभा सीट से आरके सिंह चुनाव हार गए।
